डिफेंडिंग चैंपियन इटली ने मेजबान चीन को उसके घरेलू दर्शकों के सामने 2-1 से हराकर बिली जीन किंग कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली। चीन ने मुकाबले में शानदार शुरुआत की थी और झांग शुआई ने एलिसाबेटा कोचियारेत्तो को एकतरफा अंदाज में हराकर मेजबान टीम को बढ़त दिला दी थी। हालांकि, इसके बाद जैस्मिन पाओलिनी ने जिम्मेदारी संभाली और इटली को मुकाबले में वापस लाते हुए जीत तक पहुंचाया। टेनिस फैंस ने VETO OTT पर इस मुकाबले का जमकर लुत्फ उठाया।
शेनझेन बे स्पोर्ट्स सेंटर एरिना में घरेलू दर्शकों के जबरदस्त समर्थन के बीच झांग शुआई ने कोचियारेत्तो को सिर्फ दो सेट में 6-0, 6-2 से शिकस्त दी। पिछले साल क्वार्टर फाइनल में इटली के हाथों 0-2 से हारने वाली चीन की टीम इस बार बदला लेने के इरादे से उतरी थी और उसे शुरुआत में इसका फायदा भी मिला।लेकिन इसके बाद पाओलिनी कोर्ट पर उतरीं और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन झेंग किनवेन के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। 30 साल की इटालियन खिलाड़ी ने झेंग को 6-3, 7-6(4) से हराकर मुकाबले में इटली की वापसी करा दी और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
जैस्मिन पाओलिनी ने किया शानदार प्रदर्शन
निर्णायक डबल्स मुकाबले में भी पाओलिनी ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने सारा इरानी के साथ जोड़ी बनाई और हान्यू गुओ तथा शिन्यू जियांग की जोड़ी को 6-3, 5-7, 6-3 से हराकर इटली को 2-1 की जीत दिला दी। इस जीत के साथ पाओलिनी ने बिली जीन किंग कप में लगातार 10 मैच जीतने का सिलसिला कायम रखा है। बड़े मुकाबलों में लगातार टीम के लिए निर्णायक भूमिका निभाने वाली पाओलिनी एक बार फिर इटली की सबसे अहम खिलाड़ी साबित हुईं।
अब सेमीफाइनल में इटली का सामना यूक्रेन से होगा। दोनों टीमें लगातार दूसरे साल सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी। पिछले साल भी यूक्रेन ने इटली के खिलाफ मुकाबले में बढ़त बनाई थी, लेकिन पाओलिनी ने पहले एलिना स्वितोलिना को सिंगल्स में हराया और फिर इरानी के साथ मिलकर ल्यूडमिला किचेनोक और मार्ता कोस्त्युक की जोड़ी को डबल्स में मात देकर इटली को जीत दिलाई थी।
चीन का सपना टूटा
दूसरी तरफ, चीन का पहली बार फाइनल में पहुंचने का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया। महिला टेनिस की इस प्रतिष्ठित टीम प्रतियोगिता में चीन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2008 में आया था, जब टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी। गौरतलब है कि इटली लगातार चौथी बार बिली जीन किंग कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है। टीम की नजर अब लगातार तीसरे खिताब पर है।
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