नई दिल्ली: ऐसी कार आने में अभी समय है जो अपने आप ही चलेगी और चालक की जरूरत तक नहीं पड़ेगी। लेकिन तब तक के लिए एक कार सेफ्टी सिस्टम उस जरूरत को कुछ हद तक पूरा करेगा। आशुतोष सक्सेना, कॉर्नेल विश्वविद्यालय में कम्प्यूटर साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर, की टीम ने एक ऐसा सेफ्टी सिस्टम इजात किया है जिससे की ड्राइवर की गतिविधियों के हिसाब से उसे सतर्क किया जा सकता है।
उदाहरण के तौर पर ड्राइवर के एक्शन को देखते हुए ये सिस्टम अंदाजा लगा लेगा को वो कौन सी दिशा में जाने वाला है या कौन सी गली में वो कार को ले जाएगा, जिसके हिसाब से ड्राइवर को बता दिया जाएगा कि वो सही कर रहा है कि गलत।
ये सिस्टम इस बात का गणित लगाकर कि कुछ गलत होने वाला है, ड्राईवर को पहले से ही सतर्क कर देगा। अभी भी कुछ ऐसी कारे है जिनमें गाड़ी के एक्शन को देखते हुए चालक को सावधान किया जाता है लेकिन उसमें विलय होने की वजह से दुर्घटना के आसार बढ़ जाते है।
ऐसे में ये कार सेफ्टी सिस्टम एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। ये सिस्टम कैमरे के जरिए चालक के व्यवहार पर नज़र रखता है साथ ही आस-पास की गाड़्यों और रास्ते में पड़ने वाली कठिनाईयां का भी मुआएना करता है।
इसके बाद ये जरूरत पड़ने पर आवाज, लाइट और बाएं स्टीएरिंग व्हील पर वाइब्रेशन के जरिए चालक को चेतावनी देता है। हालांकि इस तकनीक को पूरी तरह कार में डालने में अभी समये है क्योंकि इसमें अभी कई और चीज़ों पर ध्यान देना बाकी है।
चीज़े जैसी लाइट में बदलाव, ड्राइवर के साथी यात्री के साथ वार्तालाप, यहां तक की कार चलाते वक्त रास्ते में पढ़ने वाले खंबे और पेड़ भी सिस्टम को कंफ्यूज कर सकते है। इसके ऊपर अभी काम चल रहा है।