
सिम्मी को राज खोसला की फिल्म 'दो बदन' के लिए सहायक अभिनेत्री का फिल्मफेयर अवार्ड मिला था जो उनके फिल्मी करियर की शुरुआती सबसे बेहतरीन फिल्म थी। राजकपूर की फिल्म मेरा नाम जोकर में टीचर के किरदार को जिस अंदाज में सिम्मी ने बड़े परदे पर जीवंत किया वह यादगार बन गया।
हालांकि 'मेरा नाम जोकर' में युवा टीचर के किरदार में अपने बोल्ड सीन के चलते वह आलोचना की शिकार भी हुई थीं।