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26 जुलाई... भारतीय सिनेमा के इतिहास को वो दिन, जब जाते-जाते बची सुपरस्टार की जान, हो गए थे क्लीनिकल डेड, फिर..

 Written By: Priya Shukla
 Published : Jul 26, 2025 11:55 pm IST,  Updated : Jul 26, 2025 11:55 pm IST

26 जुलाई 1982 को एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इसी दिन बॉलीवुड के मेगा स्टार अमिताभ बच्चन आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे।

Amitabh Bachchan- India TV Hindi
अमिताभ बच्चन। Image Source : INSTAGRAM/@AMITABHBACHCHAN

बॉलीवुड में कई स्टार, सुपरस्टार हैं जो सालों से इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं, लेकिन एक सुपरस्टार ऐसे हैं, जिन्हें 'सदी का महानायक' कहा जाता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं अमिताभ बच्चन की, जिन्हें भारतीय सिनेमा में 5 दशक से ज्यादा का समय हो गया है। बिग बी ने 1969 में 'सात हिंदुस्तानी' से डेब्यू किया था, लेकिन क्या आप महानायक के जीवन के उस दिन के बारे में जानते हैं जब वह मौत के मुंह में जाते-जाते बचे थे। वो दिन था 26 जुलाई का, जब एक फिल्म के सेट पर ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे बच्चन परिवार, फिल्म इंडस्ट्री और देश को हैरान कर दिया था। यही वो दिन था, जब अमिताभ बच्चन मौत के मुंह तक पहुंच गए थे, लेकिन डॉक्टर्स की मेहनत और उनके फैंस की दुआओं ने उन्हें नया जीवन दिया।

26 जुलाई को क्या हुआ था?

दरअसल, 'कुली' की शूटिंग चल रही थी। इसी दौरान एक एक्शन सीन के दौरान अमिताभ बच्चन के को-स्टार पुनीत इस्सर ने उन्हें घूंसा मारा और ये सीन इतना खतरनाक साबित हुआ कि बिग बी टेबल पर जाकर गिर गए। पुनीत इस्सर के इस घूंसे से अमिताभ बच्चन की आंतों में बेहद गंभीर चोंट आई थी। इस घटना के बाद अमिताभ बच्चन को दर्द शुरू हो गया, शुरुआत में तो उन्हें लगा कि ये दर्द सामान्य है, लेकिन तीसरे दिन ये दर्द असहनीय हो गया और जब वह अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उनके डायफ्राम के नीचे गैस लीक हो रही थी। बिग बी की हालत गंभीर हो गई थी, क्योंकि इंफेक्शन तेजी से फैल रहा था।

जाते-जाते बची अमिताभ बच्चन की जान

चौथे दिन अमिताभ बच्चन का दर्द और भी बढ़ गया, तब एक सर्चन ने उनका केस देखा और तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी। उस समय उन्हें 102 डिग्री बुखार था और उनकी हार्ट रेट 72 से बढ़कर 180 तक पहुंच गई थी। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर्स ने पाया कि अमिताभ बच्चन की आंतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त थीं। वह ऐसी स्थिति में थे, जिसमें कोई व्यक्ति कुछ घंटों से ज्यादा जिंदा नहीं रह सकता था। दूसरी तरफ ऑपरेशन हुआ, लेकिन हालत बिगड़ गई और वह कोमा में चले गए।

इंदिरा गांधी भी मिलने पहुंची थीं अस्पताल

अमिताभ बच्चन की हालत नाजुक थी और उनके बचने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन डॉक्टर वाडिया ने हार नहीं मानी। डॉक्टर वाडिया ने अमिताभ बच्चन को बचाने की आखिरी कोशिश केकरते हुए लगभग 40 एम्प्यूल्स कॉर्टिसोन और एड्रेनालाईन के इंजेक्शन दिए। जिसके बाद अमिताभ की सांसें लौट आईं। इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी अमिताभ बच्चन को देखने अस्पताल पहुंची थीं। सालों बाद अमिताभ बच्चन ने अपने साथ हुए इस हादसे का जिक्र अपने एक ब्लॉग में किया था।

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