प्रेम का पर्याय बनीं मीरा के कई भजन आज 500 साल बाद भी लोगों के जहन में बसे हुए हैं। प्रेम की ऐसी परिभाषा मीरा ने इस संसार को दी कि आज भी उसके केवल चेहरे बदले हैं लेकिन आत्मा वही है। ऐसा ही एक 500 साल पुराना भजन मीरा की कलम से फूटा था जो आज भी बॉलीवुड फिल्मों में गानों की शक्ल में फिल्माया जाता है। बॉलीवुड स्टार सोनम कपूर की साल 2014 में आई फिल्म 'खूबसूरत' का एक गाना आज भी लोगों के जहन में बसता है। इस गाने के बोल हैं 'जो मैं जानती, प्रीत करे दुख होये, नगर ढिंढोरा पीटती कि प्रीत न करियो कोये।' खूबसूरत फिल्म में फिल्माया गया ये गाना खूब पसंद किया गया था। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि मीरा की कलम से फूटे गानों में से ये गाना प्रेम की परिभाषाओं बीते 500 साल से गढ़ रहा है। सोनम कपूर ने इस फिल्म में पाकिस्तानी हीरो फवाद खान के साथ ऑनस्क्रीन रोमांस किया था। हालांकि ये इकलौती फिल्म नहीं है जिसमें मीरा का ये गाना लिया गया हो।
पहले भी इन फिल्मों में अपनाया गया ये गाना
इस दुनिया में लोग चले जाते हैं और केवल अपने कर्मों के धागों से बनीं कहानियां छोड़ जाते हैं। आखिर में केवल इस दुनिया में निरंतर चलता है प्रेम और उनकी कहानियां। 15वीं सदी में राजस्थान में जन्मी मीरा ने अपनी कलम से प्रेम की ऐसी परिभाषाएं दीं जिन्होंने समय के फेर को बदल दिया और आज भी लोगों को वर्तमान की बात लगती है। मीरा के इन गानों में ऐसा दर्द है कि जिस पर भी गुजरा उसने अंदर तक महसूस किया। इस गाने में मीरा ये समझाने की कोशिश करती हैं कि अगर 'मैं जानती कि प्रेम करने से इतना दुख होने वाला है, तो मैं पूरे नगर में ढिंढोरा पिटवा देती कि प्रेम कोई न करे।' मीरा के इस गाने को बॉलीवुड की कई फिल्मों में सीधे तौर पर इस्तेमाल किया गया है। साल 1952 में रिलीज हुई फिल्म 'बैजी बावरा' में भी इस गाने को 'प्रीत किए दुख होए' को फिल्माया गया था। जिसे काफी पसंद भी किया गया और आज भी इस गाने को सुना जाता है।
बंटवारा फिल्म में भी लिया गया वही गाना
बता दें कि मीरा का ये गाना प्रेम का पर्याय बन गया है। जैसे प्रेम करने के बाद इंसान को दुख का अनुभव भी साथ आता है वैसे ही ये गाना दिल को दिलासा देने के लिए चला आता है। साल 1989 में रिलीज हुई फिल्म 'बंटवारा' में भी यही गाना फिल्माया गया था। इस गाने में विनोद खन्ना, धर्मेंद्र और अमृता सिंह अहम किरदार निभाते नजर आई थीं। फिल्म का गाना सुपरहिट रहा था और लोगों को खूब पसंद आया था। इतना ही नहीं आज भी यूट्यूब पर इन गानों को खूब सुना जाता है। मीरा के बोल पर बने ये गाने लोगों के दिलों को मुश्किल से उबारते हैं और उन्हें दिलासा देते हैं। इन गानों को आज भी कला के पुरोधा अपनी विधा की तस्वीर साफ करने में इस्तेमाल करते हैं।