ओटीटी की दुनिया में अपनी खौफनाक हिंसा, डार्क ह्यूमर और सत्ता के खूनी खेल से दर्शकों को मुरीद बनाने वाली सुपरहिट फ्रेंचाइजी 'मिर्जापुर' अब सिनेमाघरों में तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राइम वीडियो पर तीन सफल सीजन पूरे करने के बाद पूर्वांचल की यह खूनी जंग पहली बार बड़े पर्दे पर उतर रही है। फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' के जरिए कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया की तिकड़ी एक बार फिर दर्शकों के दिलों की धड़कनें तेज करने आ रही है, लेकिन अगर आप भी इस फिल्म का लुत्फ उठाने का मन बना रहे हैं तो सावधान हो जाइए। सिनेमाघर का टिकट कटाने से पहले आपको 'गुड्डू भैया' यानी अली फजल का दिया एक खास टास्क पूरा करना होगा, वरना थिएटर्स में बैठकर आपको कहानी की कड़ियां जोड़ने में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
सीजन 1 के छठे एपिसोड पर टिकी है पूरी फिल्म
हाल ही में अपनी फिल्म के प्रचार के सिलसिले में पटना पहुंचे अभिनेता अली फजल ने प्रशंसकों को एक बहुत ही स्पष्ट और अनिवार्य 'होमवर्क' सौंपा है। अली ने दर्शकों से आग्रह किया है कि वे सिनेमाघर जाने से पहले 'मिर्जापुर' के पहले सीजन को दोबारा देखें, लेकिन इसमें एक बेहद दिलचस्प शर्त छिपी हुई है। अली फजल का कहना है कि दर्शकों को पहला सीजन केवल छठे एपिसोड तक ही देखना है। अली फजल ने साफ शब्दों में कहा, 'हर किसी को घर जाकर पहला सीजन जरूर देखना चाहिए, लेकिन केवल एपिसोड 6 तक। क्योंकि छठे एपिसोड से ही इस फिल्म की असल कहानी की नींव पड़ती है और पूरी मूवी इसी के इर्द-गिर्द घूमती है।' अभिनेता के इस बयान ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि यह फिल्म तीसरे सीजन के खत्म होने वाले मोड़ से आगे नहीं बढ़ती। इसके बजाय यह कहानी को वापस पहले सीजन के केंद्र में ले जाती है और वहां से एक नया समानांतर रास्ता अख्तियार करती है। यानी यह पारंपरिक अर्थों में कोई सीधा सीक्वल नहीं है, बल्कि उसी खूनी साम्राज्य के बीच से निकली एक नई और वैकल्पिक कहानी है।
क्या हुआ था उन शुरुआती एपिसोड्स में?
जो दर्शक सालों पहले पहला सीजन देखकर मुख्य प्लॉट को भूल चुके हैं, उनके लिए यह पुरानी यादों को ताजा करने का सही समय है। 'मिर्जापुर' की कहानी हमें उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के एक ऐसे हिंसक और कानूनविहीन संसार में ले जाती है, जहां अखंडानंद त्रिपाठी उर्फ कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) कालीन के कारोबार की आड़ में बंदूकों और गोलियों का एक विशाल साम्राज्य चलाते हैं। कालीन भैया कोई जोर-जोर से चिल्लाने वाले पारंपरिक खलनायक नहीं हैं, बल्कि वे बेहद शांत, शातिर और अत्यधिक खतरनाक दिमाग के मालिक हैं। दूसरी ओर उनका बेटा फूलचंद उर्फ मुन्ना भैया (दिव्येंदु शर्मा) अपने पिता के बिल्कुल विपरीत है। मुन्ना बेहद अनुभवहीन, आक्रामक, गुस्सैल और बिना योग्यता के सत्ता पाने के लिए छटपटाता हुआ उत्तराधिकारी है। पिता और पुत्र के बीच का यह वैचारिक मतभेद पूरी सीरीज में एक सुलगती हुई चिंगारी की तरह काम करता है। पहले सीजन के शुरुआती पांच एपिसोड इस खूनी दुनिया के ताने-बाने, किरदारों की बुनावट और वर्चस्व की लड़ाई को स्थापित करते हैं। लेकिन छठा एपिसोड आते ही कहानी में एक बड़ा भूचाल आता है। फजल के मुताबिक यही वह मोड़ है जहां से 'मिर्जापुर: द मूवी' अपनी मुख्य धारा पकड़ती है।
क्या सीजन 2 देखना भी है जरूरी?
फिल्म के ऐलान के बाद से ही फैंस के मन में यह सवाल लगातार कौंध रहा है कि क्या उन्हें थिएटर जाने से पहले सीजन 2 की घटनाओं को याद रखना जरूरी है? इस सवाल का जवाब थोड़ा पेचीदा है। साल 2020 में आए दूसरे सीजन में पहले सीजन के दर्दनाक अंत के बाद गुड्डू पंडित के प्रतिशोध, उसके व्यक्तिगत नुकसान और मिर्जापुर की गद्दी पर कब्जे के नए दांव-पेंचों को दिखाया गया था। हालांकि, जब मुख्य अभिनेता खुद सीजन 1 के छठे एपिसोड को फिल्म का केंद्रीय बिंदु बता रहे हैं, तो यह कयास लगाए जा रहे हैं कि फिल्म सीधे तौर पर सीजन 2 की घटनाओं का अनुसरण नहीं करेगी। फिल्म दूसरे सीजन के घटनाक्रमों से अलग एक नई दिशा ले सकती है। ऐसे में फिलहाल सबसे प्राथमिक जरूरत सीजन 1 के शुरुआती 6 एपिसोड्स को दोहराना ही है।
नई स्टार कास्ट और बड़े पर्दे का नया रोमांच
'मिर्जापुर: द मूवी' केवल अपनी पुरानी कहानी के मोड़ के कारण ही खास नहीं है, बल्कि इसमें कई नए और बड़े बदलाव भी देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ा बदलाव 'बबलू पंडित' के किरदार में देखने को मिलेगा। पहले सीजन में इस किरदार को विक्रांत मैसी ने निभाया था, लेकिन फिल्म में उनकी जगह जितेंद्र कुमार, जिन्हें दर्शक 'पॉइंट्स' और 'पंचायत' के सचिव जी के रूप में पसंद करते हैं, अब यहां नजर आएंगे। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि जितेंद्र इस गंभीर किरदार को किस तरह जीवंत करते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया और सिनेमा में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा रहे अभिनेता रवि किशन इस फिल्म में मुख्य विलेन के रूप में एंट्री ले रहे हैं। फिल्म में बाकी पुरानी स्टारकास्ट भी अपने पूरे शबाब में नजर आएगी। श्वेता त्रिपाठी (गोलू), रसिका दुगल (बीना त्रिपाठी), हर्षिता गौर, श्रिया पिलगांवकर, शीबा चड्ढा और राजेश तैलंग जैसे बेहतरीन कलाकार फिर से अपने प्रतिष्ठित अवतारों में दिखेंगे। फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जिन्होंने वेब सीरीज के सभी सीजनों को निर्देशित किया था।
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