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15 में शादी, 17 में बनी मां, इस हीरोइन का आलिया-करीना से भी तगड़ा था स्टारडम, फिर भी अमिताभ ने किया रिजेक्ट

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : Feb 03, 2025 06:38 pm IST,  Updated : Feb 03, 2025 06:38 pm IST

पहले के दौर में अगर एक्ट्रेस की शादी हो जाए तो उसे फिल्में मिलना बंद हो जाती थी, लेकिन उस दौर में भी एक एक्ट्रेस ऐसी थी, जिसने 15 की उम्र में ही शादी की और 17 की उम्र में मां बन गई, फिर भी वो सबसे सफल अभिनेत्री बनने में कामयाब रही।

Moushumi Chatterjee - India TV Hindi
आलिया भट्ट, मौसमी चटर्जी, रेखा और दीपिका पादुकोण। Image Source : INSTAGRAM

कह सकते हैं कि अब दौर बदल गया है। शादी और बच्चे होने के बाद भी बॉलीवुड की हीरोइनों को काम मिल रहा है और दर्शकों द्वारा भी काफी पसंद की जा रही है। करीना कपूर खान से लेकर आलिया भट्ट और दीपिका पादुकोण तक, कई अभिनेत्रियां मां बनने के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर हिट पर हिट फिल्में दे रही हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब हीरोइनों को शादी और बच्चे होने के बाद काम नहीं मिलता था। 1960 के दशक में एक अभिनेत्री ऐसी हुई, जिसे शादी और बच्चे होने के बाद भी सफलता मिलती रही। इस हसीना ने 15 साल की उम्र में सफल शुरुआत को और उसी साल शादी कर ली। ठीक दो साल बाद 17 साल की उम्र में ये मां बन गईं। 

कौन है ये एक्ट्रेस

हम जिस एक्ट्रेस की बात कर रहे हैं ये कोई और नहीं बल्कि हिंदी और बंगाली सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक मौसमी चटर्जी हैं। 1952 में इंदिरा चटर्जी के रूप में जन्मी मौसमी ने 1967 की बंगाली फिल्म 'बालिका बधू' में बाल कलाकार के रूप में अपनी शुरुआत की और रातोंरात स्टार बन गईं। अपनी पहली फिल्म के ब्लॉकबस्टर होने के बावजूद वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने अपने परिवार के अनुरोध पर भारतीय संगीत निर्देशक और गायक हेमंत कुमार के बेटे जयंत मुखर्जी से शादी कर ली।

इस वजह से हुई जल्दी शादी

लेहरन रेट्रो के साथ एक साक्षात्कार में इस बारे में बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा, 'मेरे पिता अपनी बड़ी बहन के बहुत करीब थे और वह कैंसर के अंतिम चरण में थीं। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वे मेरी शादी देखें। इसलिए मेरे ससुर ने सुझाव दिया कि शादी हो जानी चाहिए। मैंने अपनी परीक्षाएं भी छोड़ दीं। मुझे उसी समय एक फिल्म भी मिल गई। सब कुछ ठीक चल रहा था।' उनकी दूसरी बंगाली फिल्म 'परिणीता' 1969 में सिनेमाघरों में आई और उससे भी बड़ी हिट रही, जिसके कारण उन्होंने 1972 की फिल्म 'अनुराग' से बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की। मौसमी को अहसास नहीं था कि वह कितनी सफल हो गई हैं। उन्होंने आगे कहा, '17 साल की उम्र में, मैं मां बन गई। मुझे अपनी खुद की मर्सिडीज मिल गई। मुझे उस समय सफलता का मतलब भी नहीं पता था। मैं बस बड़े पर्दे पर अपना चेहरा देखकर खुश हो जाती थी।'

इस फिल्म में सनी को दी हिदायत

70 के दशक में वह बॉलीवुड में सबसे ज्यादा पैसे कमाने वाली अभिनेत्रियों में से एक बन गईं और लगातार हिट फिल्में दीं। 80 के दशक तक उन्होंने हिंदी और बंगाली सिनेमा दोनों में सहायक भूमिकाएं निभानी शुरू कर दीं। उनकी सबसे बेहतरीन भूमिकाओं में से एक 1991 में राजकुमार संतोषी की फिल्म 'घायल' थी, जिसमें उन्होंने सनी देओल की भाभी का किरदार निभाया था। एक दिन सनी सेट पर देर से पहुंचे और फोन पर बात करते हुए समय बिताया, जिससे मौसमी बहुत नाराज हो गईं। उन्होंने उन्हें डांटा, यहां तक कि उन्हें अपने पिता धर्मेंद्र की प्रतिष्ठा को खराब न करने की सलाह भी दी। ऐसा कहा जाता है कि इस घटना के बाद सनी ने उनसे माफी मांगी और सेट पर पहले से ज्यादा अनुशासित हो गए।

अमिताभ की फिल्म से हुईं बाहर

उनके बेबाक और मुखर स्वभाव के कारण अभिनेत्री को कई फिल्मों से हटा दिया गया। मौसमी ने साझा किया कि कैसे अमिताभ बच्चन अभिनीत 'देश प्रेमी' और 'बरसात की एक रात' में उन्हें बदल दिया गया, जबकि उन्होंने दोनों के लिए पहले ही साइन कर लिया था। एक्ट्रेस ने कहा, 'मैंने उन्हें साइन किया, लेकिन फिर मैं तस्वीर से बाहर हो गई। मैं कभी समझौता नहीं करती। मुझसे हर चीज के लिए 'हां में हां मिलाने वाली महिला' होने की उम्मीद की जाती थी और मैं ऐसा नहीं कर सकती।' मौसमी चटर्जी की आखिरी बॉलीवुड फिल्म शूजित सरकार की 2015 की ड्रामा 'पीकू' थी, जिसमें वह अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और दिवंगत इरफान खान के साथ दिखाई दी थीं। वह बंगाली सिनेमा में अभिनय करना अब भी जारी रखे हैं।

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