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'मैं महेश भट्ट का बेटा नहीं ', पिता से नहीं मिला राहुल भट्ट को सहारा, छोटी उम्र के जख्म बने दूरी की वजह

 Written By: Jaya Dwivedie
 Published : Sep 29, 2026 05:30 pm IST,  Updated : Sep 29, 2026 06:01 pm IST

राहुल भट्ट ने अपने बचपन और पिता महेश भट्ट के साथ रिश्ते पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि माता-पिता के अलगाव के बाद खुद को परिवार का जिम्मेदार मानने लगे और हिंसक व्यवहार करने लगे थे।

Rahul Bhatt mahesh bhatt- India TV Hindi
राहुल भट्ट और महेश भट्ट। Image Source : RAHUL BHATT INSTAGRAM, SIDDHARTH KANNAN YOUTUBE

फिल्ममेकर महेश भट्ट हिंदी सिनेमा के उन निर्देशकों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपने अलग तरह के सिनेमा से एक दौर में खूब पहचान बनाई। जहां एक तरफ महेश भट्ट अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में व्यस्त थे, वहीं उनके बेटे राहुल भट्ट का बचपन परिवार के अलग ही माहौल में बीता। हाल ही में एक इंटरव्यू में राहुल ने अपने बचपन और पिता के साथ रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बचपन के एक लंबे दौर में उन्हें अपने पिता की मौजूदगी और मार्गदर्शन की कमी महसूस हुई। राहुल, महेश भट्ट और उनकी पहली पत्नी किरण के बेटे हैं, जबकि अभिनेत्री पूजा भट्ट उनकी बहन हैं। इसी इंटरव्यू में उन्होंने डेविड हेडली से हुई दोस्ती और एनआईए जांच के बारे में भी बात की।

छोटी उम्र में खुद को परिवार का मुखिया मानने लगे थे राहुल

सिद्धार्थ कन्नन के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान राहुल ने बताया कि उनके माता-पिता के अलग होने के बाद परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें बहुत कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियों का एहसास होने लगा। उन्होंने कहा कि वह खुद को घर का मुखिया समझने लगे थे और अपनी मां तथा बहन की सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने ऊपर महसूस करते थे। उनके मुताबिक, बचपन के उस दौर में उन्हें किसी मजबूत पुरुष मार्गदर्शक का साथ नहीं मिला, जिसका असर आगे चलकर उनके व्यवहार पर भी पड़ा। राहुल ने बताया कि उस समय उनकी बहन पूजा भट्ट फिल्म इंडस्ट्री में तेजी से लोकप्रिय हो रही थीं। जब कोई उनकी बहन के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करता या उन्हें गलत तरीके से संबोधित करता, तो राहुल अक्सर हिंसक प्रतिक्रिया देते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि किसी विवाद का जवाब बातचीत के बजाय मारपीट से देना धीरे-धीरे उनकी आदत बन गया था।

बदला लेने के लिए हिंसा का सहारा लेने लगे थे

राहुल ने अपने अतीत को याद करते हुए कहा कि वह कई बार अपने हिसाब से लोगों से बदला लेने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करते थे। उन्हें लगता था कि परिवार और खासकर अपनी बहन की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। शुरुआत में जो प्रतिक्रिया उन्हें सही लगती थी, वही आगे चलकर उनके लिए परेशानी का कारण बन गई। उन्होंने माना कि यह व्यवहार उनके लिए बेहद आत्मघाती साबित हुआ। राहुल के मुताबिक, इसी वजह से उन्हें कई बार पुलिस स्टेशन के चक्कर भी लगाने पड़े। हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनकी पुलिस से जुड़ी मुश्किलें नशे या किसी ऐसी गतिविधि की वजह से नहीं थीं, जिसे वह शर्मनाक मानें। उन्होंने बताया कि जब लोग पूजा को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे, तो उनकी प्रतिक्रिया कई बार जरूरत से ज्यादा तीखी हो जाती थी।

घर के माहौल को बताया नकारात्मक और अस्वस्थ

राहुल ने अपने बचपन के पारिवारिक माहौल को भी बेहद मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि उनकी मां किरण उस समय खुश नहीं थीं और घर में एक तरह की नकारात्मकता बनी रहती थी। उनके मुताबिक परिवार के सदस्यों के बीच संवाद की कमी थी और घर का माहौल सामान्य नहीं था। राहुल ने उस दौर को याद करते हुए कहा कि उनके परिवार में बहुत सी ऐसी चीजें थीं, जिन पर बातचीत नहीं होती थी। उन्हें लगता था कि कोई उनकी भावनाओं को समझने या उन्हें दिशा देने की कोशिश नहीं कर रहा था। यही वजह रही कि कम उम्र में उनके भीतर गुस्सा और जिम्मेदारी की भावना एक साथ बढ़ती गई।

पिता से रिश्ता आज भी पूरी तरह सहज नहीं

राहुल ने माना कि महेश भट्ट के साथ उनका रिश्ता हमेशा आसान नहीं रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने पिता के एक पहलू की तारीफ भी की। राहुल के मुताबिक, महेश आज भी उनकी मां किरण की आर्थिक जरूरतों का ध्यान रखते हैं। जब भी परिवार के सामने कोई आर्थिक संकट आता है तो उनके पिता मदद के लिए मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक तौर पर उन्हें अपने पिता का सहारा मिला है और वह खुद को इस मामले में भाग्यशाली मानते हैं। राहुल ने यह भी बताया कि वह खुद अपनी जिंदगी आराम से चलाने के लिए पर्याप्त कमाई करते हैं, लेकिन घर के खर्चों में उनके पिता का योगदान बना हुआ है।

महेश भट्ट भी स्वीकार कर चुके हैं बेटे से जुड़ी अपनी गलती

राहुल के बचपन को लेकर महेश भट्ट पहले भी सार्वजनिक तौर पर बात कर चुके हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ पुराने इंटरव्यू में फिल्ममेकर ने स्वीकार किया था कि उनके बेटे के मन में पिता को लेकर एक गहरी शिकायत रही है। महेश ने बताया था कि वह राहुल के करीब तीन साल की उम्र में घर से अलग हो गए थे और राहुल को ऐसा महसूस हुआ कि उनके पिता ने परिवार को किसी दूसरी महिला के लिए छोड़ दिया। महेश ने यह भी माना था कि राहुल की यह शिकायत पूरी तरह बेबुनियाद नहीं थी, क्योंकि उनके अनुसार उस स्थिति में परिवार से अलग होने की सच्चाई मौजूद थी।

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