नाना पाटेकर ने कल शाम 75 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। जैसे ही नाना के निधन की खबर आई पूरे देश में सन्नाटा पसर गया। शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन से लेकर अक्षय कुमार सहित तमाम बड़े सितारों ने नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। गुरुवार, 8 अक्टूबर की रात पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार किया गया। बेटे मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनके अंतिम संस्कार के समय परिवार और दोस्त मौजूद रहे। सलमान खान और शाम कौशल जैसे साथी और शुभचिंतक भी मौजूद रहे। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर गन सैल्यूट दिया गया।
नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए शाम कौशल
शाम कौशल ने नाना पाटेकर ने 'प्रहार: द फाइनल अटैक' (1991) में एक्शन डायरेक्टर के तौर पर पहला मौका दिया था, जिसके निर्देशक भी खुद नाना पाटेकर ही थे। उन्होंने नाना पाटेकर के साथ अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा किया, जिसमें लिखा- 'कभी नहीं सोचा था कि 17 दिन पहले गणपति पूजा के दौरान उनके पुणे वाले फार्म हाउस पर ली गई ये तस्वीरें उनके साथ मेरी आखिरी तस्वीरें होंगी। एक दोस्त, एक भाई, जिन्होंने न सिर्फ मुझे एक्शन डायरेक्टर के तौर पर मेरी पहली हिंदी फिल्म 'प्रहार' दी, बल्कि तब चट्टान की तरह मेरे साथ खड़े रहे जब मेरे बचने की उम्मीद कम थी और मुझे उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।'
36 साल से कायम है दोस्ती
शाम कौशल ने बताया कि नाना पाटेकर से उनकी दोस्ती 36 सालों से कायम है। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा- 'पिछले 36 सालों से एक सच्चे दोस्त रहे। अब उनके पुणे वाले फार्म हाउस पर बैठकर उनके साथ बिताए खूबसूरत पल याद कर रहा हूं। अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि वे अब हमारे बीच नहीं रहे। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।'
नाना पाटेकर को बड़ा भाई मानते थे शाम कौशल
शाम कौशल ने न्यूज18 से बातचीत में नाना पाटेकर को अपना बड़ा भाई समान बताते हुए कहा-, 'प्रहार के बाद हमारे बीच भाइयों जैसा बॉन्ड हो गया था। वे मेरे लिए मात्र एक एक्टर नहीं थे, बल्कि मेरे बड़े भाई जैसे थे। 1998 में वह पहले व्यक्ति थे जो नानावटी अस्पताल पहुंचे थे, जब मेरा अपेंडिक्स रप्चर हो गया था। मुझे व्हीलचेयर पर लेकर भाग रहे थे। और जब 2003 में कैंसर डिटेक्ट हुआ और नानावटी में मेरी सर्जरी के बाद जब मुझे होश आया तो ओटी में वह मौजूद थे। उन्होंने मेरे लिए जो कुछ किया, उसका एहसान मैं कभी नहीं चुका सकता। नाना जी का तब से घर आना-जाना था जब विक्की और सनी ने घुटनों के बल चलना शुरू किया था। उनके लिए वह पिता समान थे। वे उन दोनों को बहुत प्यार करते थे।'
नाना पाटेकर के निधन से टूटे शाम कौशल
शाम कौशल ने बताया कि नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में भी वह मौजूद रहे। उन्होंने कहा- 'कल रात मैं पुणे में ही था। मैं सुबह ढाई बजे घर लौटा। ये रिश्ता जो भगवान ने बना दिया है, मैं उनका पार्थिव देह देखकर रोता रहा। मैं नहीं बता सकता कि उस दौरान मैं क्या महसूस कर रहा था। 21 सितंबर को जहां हम खड़े थे, जहां गणपति जी की सजावट हो रही थी, उसी जगह पर उनका शरीर रखा हुआ था। शायद मैं तब ठीक महसूस कर पाऊंगा, जब मैं ये मान लूंगा कि वह जा चुके हैं। लेकिन, अब तक मैं इससे प्रोसेस नहीं कर पा रहा हूं। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा है। वह एक दोस्त थे, परिवार का हिस्सा थे।'
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