एक्टर और टीवी पर्सनैलिटी विंदू दारा सिंह अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अपनी पहली शादी, तलाक और बेटे की परवरिश को लेकर खुलकर बात की है। विंदू की पहली शादी एक्ट्रेस फराह नाज से हुई थी। दोनों ने प्यार के बाद शादी की, लेकिन कुछ सालों बाद उनका रिश्ता टूट गया। अब विंदू ने बताया है कि आखिर उनके और फराह के बीच ऐसा क्या हुआ, जिसकी वजह से शादी लंबे समय तक नहीं चल सकी। उनके मुताबिक फराह के हज से लौटने के बाद उनकी जिंदगी और सोच में बदलाव आया, जिसके चलते दोनों के बीच धर्म को लेकर मतभेद बढ़ने लगे थे।
हज से लौटने के बाद बदल गई थीं फराह नाज?
'बिंदास बोल' पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान विंदू दारा सिंह से पूछा गया कि क्या हज करने के बाद फराह नाज का व्यवहार बदल गया था। इस पर उन्होंने कहा कि हां, फराह के हज से लौटने के बाद काफी बदलाव आया था। विंदू के मुताबिक उन्होंने इस्लाम धर्म को पूरी तरह अपनाने के बारे में सोचना शुरू कर दिया था, जबकि विंदू हिंदू परिवार से आते थे। उन्होंने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के बीच धर्म को लेकर कोई खास विवाद नहीं था। वह खुद भी पूजा-पाठ में ज्यादा विश्वास नहीं रखते थे। विंदू ने बताया कि फराह के हज से लौटने के बाद दोनों के बीच टकराव शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी शादी प्यार से हुई थी और शुरुआत में सब कुछ अच्छा था, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलने लगीं। धीरे-धीरे मतभेद बढ़े और आखिरकार दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया। हालांकि विंदू ने फराह के प्रति नाराजगी जाहिर करने के बजाय उनकी तारीफ भी की।
बेटे की परवरिश के लिए फराह के शुक्रगुजार हैं विंदू
तलाक के बावजूद विंदू दारा सिंह ने फराह नाज की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक शानदार मां हैं। उन्होंने कहा कि फराह ने उनके बेटे की अच्छी परवरिश की है और इसके लिए वह हमेशा उनके शुक्रगुजार रहेंगे। विंदू ने अपने बेटे को अद्भुत बताया और कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा काफी हद तक उन्हीं की तरह सोचता है। विंदू की इस बात से साफ है कि भले ही उनका और फराह का वैवाहिक रिश्ता खत्म हो गया, लेकिन बेटे की परवरिश को लेकर दोनों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।
हिंदू-मुस्लिम शादी पर भी रखी अपनी राय
पॉडकास्ट में विंदू ने हिंदू और मुस्लिम धर्म के लोगों के बीच शादी को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के बड़े-बुजुर्ग भी इस तरह की शादियों को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने भारतीय इतिहास और धर्म परिवर्तन को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने मुगल शासन के दौरान तलवार के दम पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराए जाने का दावा किया। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सामाजिक भेदभाव के कारण दूसरे धर्मों को अपनाया, जबकि गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर धर्म परिवर्तन कराए जाने की बातें भी होती रही हैं। हालांकि ये विंदू के निजी विचार और ऐतिहासिक दावे हैं। उनकी इस टिप्पणी पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
शोबिज से दूर हैं फराह नाज
फराह नाज की बात करें तो वह लंबे समय से फिल्म और टेलीविजन की दुनिया से दूरी बनाए हुए हैं। एक दौर में वह हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल थीं, लेकिन अब लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं। वह मीडिया और पैपराजी से भी दूरी बनाए रखती हैं और अपनी निजी जिंदगी सादगी से जी रही हैं। दूसरी ओर, विंदू दारा सिंह मनोरंजन जगत में सक्रिय हैं और समय-समय पर अपनी निजी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा करते रहते हैं।
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