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The Bengal Files Review: झकझोर देगी 'द बंगाल फाइल्स' की कहानी, उम्मीदों पर खरी उतरी विवेक अग्निहोत्री की फिल्म

 Written By: Himanshi Tiwari
 Published : Sep 05, 2025 03:19 pm IST,  Updated : Sep 05, 2025 03:30 pm IST

विवेक अग्निहोत्री की 'द बंगाल फाइल्स' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म में सिमरत कौर रंधावा, एकलव्य सूद, दर्शन कुमार, मिथुन चक्रवर्ती, पल्लवी जोशी, अनुपम खेर, शाश्वत चटर्जी और नमाशी चक्रवर्ती जैसे बेहतरीन कलाकार हैं। जानें कैसी है फिल्म..

The Bengal Files
द बंगाल फाइल्स Photo: INSTAGRAM/@ANUPAMPKHER
  • फिल्म रिव्यू: द बंगाल फाइल्स रिव्यू
  • स्टार रेटिंग 3.5/5
  • पर्दे पर: 05/09/2025
  • डायरेक्टर: विवेक अग्निहोत्री
  • शैली: पॉलिटिकल ड्रामा

सच्ची घटना पर आधारित 'द बंगाल फाइल्स' की कहानी देख आप अपने आंसू नहीं रोक पाएंगे। इतिहास के पन्नों से निकलर बड़े पर्दे पर पेश की गई वो कहानी, जिसके बारे में शायद ही इससे पहले किसी को इतनी गहराई से पता था। विवेक अग्निहोत्री ने दर्शकों को बंगाल की ऐसी सच्चाई से रू-ब-रू कराया जो उस वक्त के दर्दनाक मंजर को दिखता है, जिसे देखने के लिए लगभग 3 घंटे 20 मिनट भी कम है। अगर आप विवेक अग्निहोत्री की फिल्मों के प्रशंसक हैं तो इसे जरूर देखें। 'द बंगाल फाइल्स' 16 अगस्त 1946 को पश्चिम बंगाल में हुए 'डायरेक्ट एक्शन डे' के हिंदू नरसंहार के अलावा भारत के विभाजन की आंखे खोल देने वाली कहानी भी दिखाती है। अब 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद 'द बंगाल फाइल्स' अपनी कहानी की वजह से चर्चा में है। यहां जानें फिल्म कैसी है।

कहानी

'द बंगाल फाइल्स' फिल्म के जरिए निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने 1946 के 'डायरेक्ट एक्शन डे' की भयावह घटना को पेश किया है। यह फिल्म बंगाल के इतिहास के एक दर्दनाक हिस्से और उसके आज तक के असर को दिखाती है। इस फिल्म में इतिहास और वर्तमान की कहानी को बहुत ही खूबसूरती के साथ बुना गया है। इसकी कहानी अलग-अलग समय में चलती है जो बिना किसी दिखावे के अतीत के दर्द और वर्तमान के परिणामों को दिखाती है। फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' की कहानी शिवा पंडित (दर्शन कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक कश्मीरी पंडित ऑफिसर हैं और बंगाल में एक किडनैप लड़की को ढूंढने के मिशन पर निकले हैं। किडनैप हुई इस लड़की का नाम भारती बनर्जी (सिमरत कौर) है। इस फिल्म की कहानी में एक और महत्वपूर्ण किरदार अमरजीत अरोड़ा (एकलव्य सूद) का है जो एक सिख लड़का और वो भारती से प्यार करता है। कहानी में कई हैरान करने वाले दिलचस्प ट्विस्ट और टर्न आते हैं, जो दर्शकों को उस वक्त हुई दर्दनाक घटनाओं से वाकिफ कराती है। फिल्म में कई ऐसे सीन है जो आपको अंदर तक झकझोर कर रख देंगे।

कास्ट की परफॉर्मेंस

'द बंगाल फाइल्स' की कहानी के साथ-साथ इसकी कास्ट भी बहुत ही जबरदस्त है। फिल्म में सिमरत कौर रंधावा ने युवा भारती के रूप में दमदार अभिनय किया जो नए कलाकारों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण साबित हो सकता है। उन्होंने अपने किरदार को बखूबी निभाया है। क्रेडिट रोल होने के बाद भी एक्ट्रेस ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। बात करें एकलव्य सूद के साथ उनकी केमिस्ट्री की तो वह सराहनीय है। दंगों की पृष्ठभूमि में रची गई उनकी दुखद प्रेम कहानी रोने पर मजबूर कर देती है। सरदार जी के रूप में सूद भी अपने बेहतरीन अभिनय के लिए प्रशंसा के पात्र हैं। वह हर सीन में स्क्रीन पर छा गए। उनके दमदार डायलॉग ने दर्शकों को असली दर्द से जोड़ा। वहीं, दर्शन कुमार ने एक पुलिस अधिकारी शिवा पंडित के रूप में बरदस्त अभिनय किया है जो एक मुश्किल जांच को सुलझाने की कोशिश करता है। पल्लवी जोशी ने बड़ी भारती के किरदार को गहराई और संवेदनशीलता से स्क्रीन पर पेश किया है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने तो कमाल ही कर दिया। अनुपम खेर (गांधी) और राजेश खेरा (जिन्ना) जैसे कलाकारों ने फिल्म को और भी शानदार बना दिया। नमाशी चक्रवर्ती ने खलनायक की भूमिका में जान डाल दी है। शाश्वत चटर्जी, मोहन कपूर और प्रियांशु चटर्जी जैसे मंजे हुए कलाकारों ने भी फिल्म की सच्चाई को बनाए रखा है।

फिल्म का निर्देशन और तकनीकी पहलू कैसा है?

प्रोडक्शन डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन कोरियोग्राफी बहुत ही बेहतरीन हैं। फिल्म के हर सीन में सच्ची कहानी को दिखाया गया है वो भी बिना मिर्च मसाले लगाए। फिल्म के कई सीन्स में ग्राफिक का इस्तेमाल ज्यादा किया गया हैं, जिन्हें शायद थोड़ा कम किया जा सकता था। भावनात्मक जुड़ाव कहीं-कहीं कम लगता है। स्क्रीनप्ले में कुछ खामियां हैं, जिससे कहानी कई जगहों पर बिखरी और अलग-थलग लगती है। फिर भी, कहानी के जरिए इतिहास के काले पहलुओं को सस्पेंस भरे अंदाज में पेश किया गया है।

फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर

फिल्म में पारंपरिक गाने नहीं हैं, लेकिन बैकग्राउंड म्यूजिक शानदार है। यह स्कोर कहानी के इमोशन और भावनात्मक गहराई को जोड़ने में मदद करता है। एक्शन और सस्पेंस वाले सीन्स के दौरान फिल्म के संगीत ने कहानी को और भी गहरा बनाया है।

क्यों देखें ये फिल्म?

फिल्म में कुछ ऐसे दर्दनाक सीन्स हैं जो क्रूरता को दिखाते हैं, लेकिन उनका फिल्मांकन बहुत ही सोच-समझकर और सही तरीके से किया गया है। ये सीन्स अपनी सच्चाई और कहानी की वजह से दर्शकों पर गहरा असर डालते हैं। कुल मिलाकर, 'द बंगाल फाइल्स' एक ऐतिहासिक फिल्म है जो एक जरूरी संदेश देती है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। यह फिल्म इतिहास के एक भूले हुए अध्याय को याद दिलाती है कि कुछ कहानियां कभी भुलाई नहीं जा सकतीं।

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