'नाइटिंगेल ऑफ कश्मीर' और 'द मेलोडी क्वीन ऑफ कश्मीर' के नाम की मशहूर सिंगर रहीं राज बेगम की जिंदगी से इंस्पायर एक फिल्म आ रही है। प्राइम वीडियो पर रिलीज होने वाली इस फिल्म का नाम है 'सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज' जिसका हिंदी में मोटा-मोटा अनुवाद है 'स्वर्ग का गीत'। फिल्म में सबा आजाद और सोनी राजदान, नूर जहां (राज बेगम) का किरदार निभा रही हैं, जो जिंदगी के अलग-अलग टाइम पीरियड के किरदार करेंगी। फिल्म का दानिश रेन्जू ने डायरेक्ट किया है और इसमें शीबा चड्ढा, जैन खान दुर्रानी, तारुक रैना और ललति दुबे जैसे एक्टर नजर आने वाले हैं। फिल्म 29 अगस्त को रिलीज हो रही है।
किससे इंस्पायर है नूर जहां का किरदार?
ये कहानी उस आवाज की जिसे 1954 में पहली बार कश्मीर के लोगों ने रेडियो पर सुना तो चेहरे पर मुस्कान उभर आई। 27 मार्च 1927 को कश्मीर में जन्मी वो कली बचपन से संगीत की दीवानी थी। शादियों में गाती और पिता उसे सपोर्ट करते। आवाज निखरी और उसमें समय का जादू भरा और इस कली की आवाज की खुशबू रेडियो पर तैरने लगी। ये कहानी उसी नूर जहां यानी राज बेगम की है जिसने न केवल अपनी आवाज से लोगों का मन मोहा बल्कि कश्मीर जैसे क्षेत्र में लाखों नन्ही बच्चियों के हौसलों को उड़ान दी। नूर जहां का किरदार साल 2002 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री के अवॉर्ड से सम्मानित किया। इसके बाद 2013 में उन्हें संगीत नाटक अदामी पुरस्कार भी दिया गया। 26 अक्टूबर 2016 को 89 साल की उम्र में इस संगीत की कलाकार ने अपने पैराडाइज को प्रस्थान कर लिया। अब इन्ही की जिंदगी से प्रेरित है 'सॉन्ग ऑफ पैराडाइज'। फिल्म में सुंदर गाने और कश्मीर की ऐसी कहानी देखने को मिलेगी जिसे अभी तक पर्दे पर नहीं देखा गया है।
राज बेगम को श्रद्धांजलि है ये फिल्म: डायरेक्टर
फिल्म के डायरेक्टर और राइटर दानिश रेनजू बताते हैं, 'फिल्म सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज, पद्मश्री विजेता राज बेगम को एक दिल से दी गई श्रद्धांजलि है। वह रेडियो कश्मीर की पहली महिला आवाज थीं। यह फिल्म उनकी संगीत, विरासत और हिम्मत से प्रेरित एक भावुक कहानी बताती है, खासकर उस समय की जब समाज ने महिलाओं को भावनात्मक और सांस्कृतिक रूप से बांध रखा था। यह एक ऐसी महिला की कहानी है जिसने सपने देखने की हिम्मत की, जबकि उस समय सपने देखना भी एक तरह से मना था। सबा आजाद और सोनी राजदान ने इस खास कहानी में मुख्य किरदार को दो अलग-अलग उम्र में बहुत खूबसूरती से निभाया है। इनके साथ-साथ और भी कई कलाकारों ने बेहतरीन काम किया है। प्राइम वीडियो की वजह से अब दुनिया भर के दर्शक उनकी कहानी देख पाएंगे, एक ऐसी कहानी जो सम्मान की हकदार है।'
कश्मीर में दिखाती है उम्मीद: प्रोड्यूसर
एक्सेल एंटरटेनमेंट के रितेश सिधवानी ने कहा, 'सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज एक ऐसी कहानी है जो कश्मीर की संस्कृति, भावनाओं और उम्मीदों को दिखाती है। यह फिल्म पद्म श्री विजेता नूर बेगम के जीवन के पन्नों को खूबसूरती से खोलती है, जिनकी आवाज ने न केवल कश्मीर को गर्व महसूस कराया बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित किया। हमें दानिश रेनजू के साथ मिलकर इस खास और दमदार कहानी को प्राइम वीडियो के साथ मिलकर पेश करने की खुशी है। प्राइम वीडियो हमारा सच्चा साथी है जो हमारे विजन को शेयर करता है और हमें इस कहानी को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करता है।'