यमन में एक बार फिर वैसे ही हालात बन गए हैं, जिसकी वजह से 12 साल पहले 2014 में यमन में गृहयुद्ध शुरू हो गया था। और 7 साल तक चले उस सिविल वॉर में करीब डेढ़ लाख लोग मारे गए थे। अभी जब हूती विद्रोही लाल सागर के तट से बाब अल-मंदेब स्ट्रेट की तरफ बढ़े, तो सऊदी अरब के सपोर्ट वाली यमन की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है।
यमन में मंडराया 2022 का सीजफायर खत्म होने का खतरा
एक दिन पहले हुई बैठक के बाद शुक्रवार को जारी स्टेटमेंट में, यमन सरकार की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने कहा कि वह समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता की रक्षा में सबसे आगे है। वहीं, सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के नए अटैक की निंदा भी की है। बढ़ते संघर्ष से उस नाजुक युद्धविराम के खत्म होने का खतरा हो गया है, जिसने 2022 से अब तक यमन के सिविल वॉर को काफी हद तक रोका हुआ था।
यमन सिविल वॉर में मारे गए थे करीब 1.5 लाख लोग
जान लें कि अरब वर्ल्ड के सबसे गरीब देश यमन में 4 करोड़ लोगों की जान दांव पर लगी है। इससे पहले, 2014 में यमन में शुरू हुए सिविल वॉर में 2014 से 2021 तक करीब डेढ़ लाख लोग मारे गए थे और बड़ी संख्या में लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच गए थे।
यमन में भागने को मजबूर हुए 46 हजार लोग
UN की माइग्रेशन एजेंसी ने बीते शुक्रवार को बताया कि पिछले सप्ताह लड़ाई बढ़ने के कारण 46 हजार से ज्यादा लोगों को भागना पड़ा। वहीं, इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के यमन में मिशन चीफ, अब्दुसत्तार एसोएव ने बोले कि सुरक्षा की तलाश में लोग जो कुछ भी उठा सके, उसे लेकर निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह विस्थापित लोगों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई और यह संख्या तेजी से और बढ़ने की संभावना है।
लोगों की आंखों पर दिखाई दिया डर
अब्दुसत्तार एसोएव ने बोले, "उनकी आंखों में आप डर को देख सकते हैं और लोग डरे हुए हैं।" भागने वालों में डॉक्टर और दूसरे मेडिकल वर्कर भी शामिल हैं। वहीं, 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' के यमन कोऑर्डिनेटर लू कॉर्मैक ने बताया कि अधिकतर स्टाफ के चले जाने के बाद भी, इस Support Group ने मोखा के हॉस्पिटल को चालू रखने को प्रॉयरिटी दी है।
सऊदी अरब भी यमन के गृहयुद्ध में उतर गया था
हूती विद्रोही 2014 से यमन की सरकार के विरुद्ध लड़ रहे हैं, उस वक्त हूती ने नॉर्थ और सेंट्रल यमन के अधिकतर हिस्सों और राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। फिर, अगले साल सऊदी अरब की सरकार की ओर से इस जंग में शामिल हो गया था।
ईरान-अमेरिका की जंग में खुला नया मोर्चा
इस बीच, सऊदी अरब के दो अधिकारियों ने बताया है कि उनके देश ने बीते शुक्रवार को एक बड़ी पाइपलाइन बंद कर दी है। इस पाइपलाइन पर एक दिन पहले ही ड्रोन अटैक हुआ था। साथ ही, ईरान सपोर्टेड यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के दक्षिणी मुहाने पर एक अहम मयून आईलैंड पर कब्जा कर लिया है, जिससे ईरान-अमेरिका की जंग में एक नया मोर्चा खुल गया है।
हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब में आईलैंड पर किया कब्जा
बता दें कि हूती विद्रोहियों ने दुनिया के महत्वपूर्ण शिपिंग रास्तों में से एक, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास सबसे बड़े इलाके पर कब्जा कर लिया है। उनकी इस बढ़त से ईरान की उस स्ट्रैटेजी को बढ़ावा मिल सकता है जिसके जरिए वह विश्व भर में तेल और गैस की कीमतें बढ़ाकर अमेरिका पर प्रेशर डालना चाहता है।
सऊदी अरब को बंद की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन
सऊदी अरब ने बताया कि एक दिन पहले हुए अटैक के बाद उसने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बंद कर दिया है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने इस शटडाउन को एहतियात के रूप में उठाया गया कदम बताया है। वहीं, सऊदी विदेश मंत्रालय ने इस अटैक के लिए इराक से आए कई ड्रोनों को जिम्मेदार ठहराया।
फिलहाल ईराक पर जवाबी एक्शन नहीं करेगा सऊदी
सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी के एक स्टेटमेंट में सऊदी अरब ने कहा कि वह कोई जवाबी एक्शन नहीं लेगा ताकि इराक की सरकार को जरूरी कदम उठाने का अवसर मिल सके। सऊदी अरब में सरकारी प्रवक्ता सबाह अल-नुमान ने आज (शनिवार को) सुबह एक स्टेटमेंट में कहा कि इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी, जो आर्मी के कमांडर-इन-चीफ भी हैं, ने मयसान प्रोविंस के ऑपरेशन कमांड की पड़ताल के आदेश दिए हैं। उसके कमांडर को बर्खास्त भी कर दिया है। यह स्टेप तब उठाया गया जब अफसरों को पता चला कि सऊदी को निशाना बनाने वाले अटैक उसी प्रांत की एक जगह से किए गए थे।
सऊदी में ऑयल फैसिलिटी पर हमले की जिम्मेदारी ले चुके हैं हूती
जान लें कि इससे पहले जुलाई में अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया पर बम बरसाए थे। उन्होंने सऊदी अरब की ऑयल फैसिलिटी पर हुए ड्रोन अटैक्स के लिए इन मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, इनकी जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों ने ली थी। बाद में क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया था कि हूती विद्रोहियों ने इराकी मिलिशिया को इन हमलों की प्लानिंग करने और उन्हें अंजाम देने में मदद की थी।
(इनपुट- AP)