Published : Mar 23, 2026 11:08 pm IST, Updated : Mar 23, 2026 11:14 pm IST
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टीबी एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। यह बीमारी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नाम के बैक्टीरिया के कारण होती है। मैक्सक्योर हॉस्पिटल में जनरल फिजिशियन, डॉ. प्रतीक कुमार कहते हैं कि आज भी भारत जैसे देशों में टीबी एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है, इसलिए इसके फैलने के तरीके और समय को समझना बेहद जरूरी है।
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टीबी कितने दिन में फैलता है, इसका कोई निश्चित समय तय नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाला व्यक्ति कितनी देर और कितनी बार उसके संपर्क में रहा है। आमतौर पर लंबे समय तक पास में रहने, जैसे घर या ऑफिस में लगातार संपर्क होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। एक बार बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाए तो लक्षण दिखने में हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है।
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टीबी हवा के जरिए फैलने वाली बीमारी है। जब कोई टीबी से संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता, बोलता या हंसता है, तो उसके मुंह से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों में बैक्टीरिया हवा में फैल जाते हैं। आसपास मौजूद व्यक्ति जब इस हवा को सांस के जरिए अंदर लेते हैं, तो वे भी संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, यह बीमारी हाथ मिलाने, खाना साझा करने या कपड़े छूने से नहीं फैलती।
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यह भी समझना जरूरी है कि हर संक्रमित व्यक्ति दूसरों को टीबी नहीं फैलाता। केवल एक्टिव टीबी वाले मरीज ही दूसरों के लिए ज्यादा खतरनाक होते हैं। जिन लोगों में टीबी के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं लेकिन लक्षण नहीं होते वे आमतौर पर संक्रमण नहीं फैलाते।
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टीबी के फैलने का खतरा भीड़भाड़ वाली जगहों, खराब वेंटिलेशन और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में ज्यादा होता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों को इस बीमारी का खतरा अधिक रहता है। इसलिए ऐसे लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।
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टीबी से बचाव के लिए जरूरी है कि खांसी या बुखार जैसे लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच कराई जाए। संक्रमित व्यक्ति को मास्क पहनना चाहिए और खांसते-छींकते समय मुंह ढंकना चाहिए। साथ ही, इलाज को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि अधूरा इलाज संक्रमण को और फैलने का खतरा बढ़ा सकता है।