Published : Jan 15, 2025 08:21 am IST, Updated : Jan 15, 2025 08:21 am IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीन नौसैनिक जहाजों आईएनएस सूरत, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएनस वाघशीर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। बता दें कि ये जहाज मुंबई में नौसेना डॉकयॉर्ड के अग्रणी नौसैनिक जहाजों में से एक हैं।
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पीएम मोदी ने इसे लेकर एक्स पर लिखा, '15 जनवरी हमारी नौसेना क्षमताओं के लिए खास दोने जा रहा है। तीन अग्रणी नौसैनिक लड़ाकू जहाजों के शामिल होने से रक्षा में वैश्विक नेता बनने की हमारी कोशिशें मजबूत होंगी और आत्मनिर्भरता की दिशा में हमारी खोज को बढ़ावा मिलेगा।'
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तीन प्रमुख नौसैनिक जहाजों का शामिल होना रक्षा विनिर्माण और समुद्री सुरक्षा में वैश्विक नेता बनने के भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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आईएनएस सूरत दुनिया के सबसे बड़े डिस्ट्रॉयर्स में से एक हैं। बता दें कि यह पी15बी गाइडेड मिसाइल से लैस है जो डिस्ट्रॉयर परियोजना का चौथा और अंतिम जहाज है। इसमें 75% स्वदेशी सामग्री है और यह अत्याधुनिक हथियार-सेंसर पैकेज और उन्नत नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं से लैस है।
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वहीं आईएनएस नीलगिरी को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरों ने डिजाइन किया है। यह पी17ए स्टील्थ फ्रीगेट परियोजना का जहाज है। यह सीकिंपिंग, लंबे समय तक टिकने और रडार पर न दिखने की क्षमता से लैस है।
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पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर पी75 स्कॉर्पीन परियोजना की छठी और अंतिम पनडुब्बी है। यह पनडुब्बी निर्माण में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता को दर्शाने का काम करती है। बता दें कि इसे फ्रांस की नौसेना समूह के सहयोग से तैयार किया गया है।
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एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि तीन प्रमुख नौसैनिक युद्धपोतों का जलावतरण रक्षा निर्माण और समुद्री सुरक्षा में वैश्विक रूप से अग्रणी बनने के भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।