Published : Jan 06, 2026 06:10 pm IST, Updated : Jan 06, 2026 06:10 pm IST
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अमेरिका का डेल्टा फोर्स जो किसी अदृश्य ताकत की तरह काम करते हैं, उनके काम का जलवा अभी हाल फिलहाल दिखा, जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को घसीटकर लाते देखा गया। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए डेल्टा फोर्स के करीब 150 सैन्य विमानों ने उड़ान भरी थी और लगभग एक घंटे तक वेनेजुएला के अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
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अमेरिका के डेल्टा फोर्स की बात करें तो वो बिना किसी को भनक लगे बिना देखते ही देखते एक देश के राष्ट्रपति को अपने साथ ले गए। ऐसी है ट्रंप की डेल्टा फोर्स...
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डेल्टा फोर्स का आधिकारिक नाम 1st Special Forces Operational Detachment-Delta है और यह यूनिट अमेरिका के सबसे जोखिम भरे और संवेदनशील मिशनों के लिए जानी जाती है। इसका गठन 1977 में कर्नल चार्ली बेकविथ ने किया था।
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डेल्टा फोर्स में शामिल होना आसान नहीं होता, क्योंकि इसकी चयन प्रक्रिया इतनी कठिन होती है कि अधिकांश सैनिक बीच में ही इसे छोड़ देते हैं। इसके कमांडो को कई हफ्तों तक कठिन नेविगेशन मार्च, भारी वजन के साथ 40 मील तक पैदल चलना और फिर महीनों की विशेष ऑपरेटर ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है।
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डेल्टा फोर्स पहली बार दुनिया की नजर में 1993 में सोमालिया के मोगादिशु ऑपरेशन के दौरान आई थी, यही मिशन आगे चलकर Black Hawk Down के नाम से मशहूर हुआ था। डेल्टा फोर्स की बात करें तो इनकी ट्रेनिंग में एडवांस हथियारों का इस्तेमाल, सिक्रेट ऑपरेशन और हाई-रिस्क मिशन सिखाए जाते हैं।
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को उनके ही देश में घुसकर जिस तरह से गिरफ्तारी की गई उसने एक बार फिर दिखा दिया कि डेल्टा फोर्स को क्यों अमेरिका की सबसे खतरनाक और भरोसेमंद यूनिट माना जाता है।
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मादुरो की गिरफ्तारी के ऑपरेशन को जिस तरह से डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया वो दिखाता है कि ये सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि अमेरिका की रणनीतिक, तकनीकी और खुफिया ताकत का प्रदर्शन भी था, जिसने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया।