Published : Nov 05, 2025 08:59 am IST, Updated : Nov 05, 2025 08:59 am IST
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अफगानिस्तान में आए शक्तिशाली भूकंप में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद लोग कड़ाके की ठंड में रात खुले में बिताने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि भूकंप प्रभावित लोग अपने घरों के मलबे से बचे हुए सामान को निकालने की कोशिशों में जुटे हैं।
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भूकंप के बाद अब बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी। अफगानिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.3 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र सामंगन प्रांत के खुल्म शहर से 22 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में था।
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अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है, जबकि 819 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 25 की हालत गंभीर है। खुल्म में स्थानीय निवासी असदुल्लाह समनगानी ने कहा, “हमने रात खुले मैदान में बिताई। मौसम बहुत ठंडा था, हमें नींद नहीं आ रही थी, हमें लग रहा था कि अब फिर से भूकंप आएगा।”
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भूकंप से ऐतिहासिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचा है, जिनमें अफगानिस्तान के उत्तरी शहर मजार-ए-शरीफ में स्थित प्रसिद्ध नीली मस्जिद, जो अफगानिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है। बल्ख प्रांत के सूचना एवं संस्कृति प्रमुख महमूदुल्लाह जरार ने बताया कि नीली मस्जिद की मीनार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जबकि मस्जिद की कुछ दीवारों से ईंटें और टाइलें गिर गई हैं। सदियों पुराने स्थल के अन्य हिस्सों में दरारें आ गई हैं।
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जरार ने कहा कि ये दरगाह इस्लामी मूल्यों और इस्लामी युग के इतिहास का एक मूल्यवान स्मारक है। इसकी मरम्मत और जीर्णोद्धार की सख्त जरूरत है। समांगन प्रांत के सूचना एवं संस्कृति प्रमुख फिरोजुद्दीन मुनीब ने बताया कि प्रांत में सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त ऐतिहासिक स्मारक 19वीं सदी का बाग-ए-जहांनामा महल था। 1890-1892 में बना यह महल और इसके आसपास के बगीचे पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय स्थल हैं।