1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. गुजरात में चांदीपुरा वायरस से हाहाकार, 22 बच्चों की मौत, सभी की उम्र 15 साल से कम; जानें इसके लक्षण और बचाव

गुजरात में चांदीपुरा वायरस से हाहाकार, 22 बच्चों की मौत, सभी की उम्र 15 साल से कम; जानें इसके लक्षण और बचाव

 Written By: Khushbu Rawal
 Published : Aug 05, 2026 02:31 pm IST,  Updated : Aug 05, 2026 02:31 pm IST

गुजरात में जानलेवा संक्रमण फैल रहा है। चांदीपुरा वायरस से 22 बच्चों की मौत हो गई है, जिसके बाद स्वास्थ विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

gujarat chandipura virus- India TV Hindi
गुजरात में चांदीपुरा वायरस का प्रकोप। Image Source : INDIA TV

गुजरात में चांदीपुरा वायरस से हाहाकार मचा है। राज्य में अब तक वायरस से 22 बच्चों की मौत हो गई है, 184 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं। 35 मामले चांदीपुरा पॉजिटिव आए हैं जबकि 11 नमूनों के टेस्ट रिजल्ट आना अभी बाकी हैं, जिसे लेकर स्वास्थ विभाग अलर्ट हो गया है। वायरस की स्थिति की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने बताया कि वर्तमान में राज्य के अलग-अलग सिविल अस्पतालों में 7 पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 6 पॉजिटिव मरीजों की स्थिति में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से सावधानी बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। इसके अलावा, बच्चों में बुखार, उल्टी या अन्य कोई भी गंभीर लक्षण दिखाई देते ही बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करने को कहा गया है।

जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र 15 वर्ष से कम 

जान गंवाने वाले सभी 22 बच्चे 15 वर्ष से कम आयु के थे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गांधीनगर, साबरकांठा-हिम्मतनगर, पाटन, राजकोट और भावनगर के सरकारी अस्पतालों में भर्ती बच्चों का बेहतरीन और विशेषज्ञों द्वारा इलाज किया जा रहा है। 

क्या है चांदीपुरा वायरस?

चांदीपुरा एन्सेफलाइटिस एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से 'सैंडफ्लाई' (रेत मक्खी) और अन्य कीटों के जरिए फैलती है। यह बीमारी मस्तिष्क में सूजन का कारण बनती है। ये वायरस एडीज मच्छर (डेंगू के मच्छर) में भी पाया जाता है और एक इंसान से दूसरे में फैल सकता है। चांदीपुरा वायरस सैंडफ्लाई की लार ग्रंथि में रहता है और यहीं से आगे फैलता है। यह वायरस पहली बार 1965 में महाराष्ट्र के नागपुर जिले के चांदीपुरा गांव के एक मरीज में मिला था। 

कम्यूनिटी प्रोटेक्शन के तहत कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।
Image Source : PTIकम्यूनिटी प्रोटेक्शन के तहत कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।

कैसे फैलता है चांदीपुरा वायरस?

  • ये एक आर्बोवायरस है, कीटों के काटने से इंसानों में फैलता है
  • सैंडफ्लाई के जरिए फैलता है
  • सैंडफ्लाई बहुत ही छोटी मक्खी होती है
  • ये वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता

चांदीपुरा वायरस के मुख्य लक्षण?

  1. अचानक तेज बुखार आना
  2. लगातार उल्टी और जी मिचलाना
  3. तेज सिरदर्द और कमजोरी
  4. सुस्ती या बेहोशी
  5. गंभीर मामलों में दौरे पड़ना
  6. दिमागी सूजन 

कैसे करें बचाव?

इस वायरस से बचाव 2 तरह से किया जा सकता है। पहला- पर्सनल प्रोटेक्शन यानी खुद का बचाव. पूरी बांह के कपड़े पहनें। घर में रहो या बाहर जा रहे हो तो मॉस्किटो रेपेलेंट लगाएं। मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। अगर कहीं पानी भर रहा है तो उस जगह को साफ करें, वहां पानी न भरने दें। इसके अलावा दूसरा बचाव का तरीका है- कम्यूनिटी प्रोटेक्शन जिसमें सरकार काम करती है। कम्यूनिटी प्रोटेक्शन के तहत सरकार कीटनाशक छिड़कती है ताकि मच्छर न पनप सकें। अगर कहीं पानी इकट्ठा हो रहा है तो उसे भरने से रोका जाता है। 

यह भी पढ़ें-

गुजरात में ये 'खास मक्खी' बन रही मौत की वजह? मचा है हड़कंप, जानिए क्या है चांदीपुरा वायरस

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। गुजरात से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।