अहमदाबादः दक्षिणी गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई जिलों में जनजीवन पर भारी असर पड़ा है। नर्मदा, वलसाड, नवसारी, डांग, सूरत और तापी पंचमहल, दाहोद और महीसागर जिलों में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिससे कई गांवों में बाढ़ आ गई है और वहां जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। बाढ़ में फंसे हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में NDRF और SDRF की कई टीमों को तैनात किया है।
नदियां और जलाशय उफान पर, 1200 लोगों का रेस्क्यू
वलसाड जिले के उमरगांव तालुका में गुरुवार सुबह तक 16 घंटे की बारिश के दौरान 1,100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी बारिश के कारण लगभग 1,200 लोगों को बचाया गया और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सूरत जिले में नदियां और अन्य जलाशय उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। अहमदाबाद में केवल दो घंटे में 66 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे कई सड़कों पर जलभराव हो गया और यातायात प्रभावित हुआ। भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए मुंबई जाने वाली कई रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया या उनका मार्ग छोटा कर दिया गया।
अलर्ट मोड में वायुसेना और नेवी
अधिकारियों के अनुसार, तापी जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में एक मौत की खबर मिली है, जबकि बचाव कार्यों के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और राज्य की SDRF की टीमों के साथ-साथ भारतीय वायु सेना (IAF) और कोस्ट गार्ड को भी अलर्ट पर रखा गया है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के आंकड़ों के मुताबिक, हाल की बारिश से वलसाड ज़िला सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ, जहां उंबरगांव तालुका में बुधवार सुबह 6 बजे से गुरुवार सुबह 10 बजे के बीच 1,100 mm से ज़्यादा बारिश हुई। इसी दौरान ज़िले के कई अन्य तालुकाओं में भी 600 mm से ज़्यादा बारिश हुई। एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 1,200 लोगों को बचाया गया है और सूरत में 1,500 निवासियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। नवसारी ज़िले में कावेरी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण 11 गांवों में फंसे 200 लोगों को बचाया गया और सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।
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300 से ज्यादा सड़कें बंद
बारिश से प्रभावित इलाकों में जिला कलेक्टर और राजस्व विभाग के कर्मचारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। राहत आयुक्त ने बताया कि भारी बारिश के कारण 300 से ज़्यादा सड़कें कुछ समय के लिए बंद कर दी गईं, सरकारी बसों की 200 से ज़्यादा ट्रिप प्रभावित हुईं और कई इलाकों में बिजली गुल होने की खबरें मिलीं। सूरत में NDRF की दो और SDRF की पांच टीमें हैं, जबकि वलसाड में NDRF की दो और SDRF की चार टीमें तैनात की गई हैं। नवसारी के लिए सूरत से NDRF की 21 और SDRF की दो टीमें भेजी गई हैं। अमरेली, जूनागढ़ और भावनगर में भी SDRF और NDRF की टीमें स्टैंडबाय पर हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह ने सीएम से फोन पर की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में भारी बारिश से पैदा हुए हालात के बारे में जानकारी लेने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फ़ोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने राज्य में भारी बारिश से बने हालात को देखते हुए राहत, बचाव और नागरिकों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में भारी बारिश के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस संबंध में गुजरात को हर ज़रूरी मदद का भरोसा दिलाया है।
नर्मदा में स्कूल-कॉलेज बंद
नर्मदा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए 24 जुलाई 2025 को जिले की सभी स्कूल, कॉलेज और आईटीआई बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में नर्मदा जिला कलेक्टर ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से आधिकारिक जानकारी साझा की है। लगातार हो रही भारी बारिश और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए ऑनलाइन शिक्षण कार्य नियमित रूप से जारी रहेगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें तथा पूरी सावधानी बरतें।
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सूरत के निचले इलाकों में जलभराव
सूरत शहर ओर खाड़ी के ऊपरी इलाकों में पिछले दो दिनों से जारी लगातार बारिश के कारण एक बार फिर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। महज 15 दिनों के भीतर ही दूसरी बार ऐसी स्थिति बनने से सूरत महानगर पालिका प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश के चलते जलस्तर बढ़ने से खाड़ी किनारे की बस्तियों में पानी पहुंच गया है। सूरत की भेड़वाड़, मीठी खाड़ी ओर काकरा खादी ओवरफ्लो होने से सूरत के लिंबायत, पूणा सानिया हेमाद क्षेत्रों में की कई सोसाइटी और घरों में जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है।
(पीटीआई इनपुट के साथ नर्मदा से कनकसिंह मातरोजा और सूरत से शैलेष चांपानेरिया की रिपोर्ट)
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