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अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार, 4 दिन की पुलिस कस्टडी में रहेंगे

 Reported By: Kumar Sonu Edited By: Shakti Singh
 Published : Feb 05, 2026 07:21 am IST,  Updated : Feb 05, 2026 08:32 am IST

अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार करने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने अदालत में पेश किया। उन्हें 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

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अल फलाह युनिवर्सिटी Image Source : PTI

अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उन्हें 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। ईडी के बाद दिल्ली पुलिस ने अल फलाह पर शिकंजा कसा है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने यूजीसी की शिकायत पर 2 अलग अलग एफआईआर दर्ज की थी। उनके ऊपर फर्जीवाड़े का आरोप था। पुलिस ने गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

अल फलाह यूनिवर्सिटी के संबंध दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आतंकियों से सामने आए थे। इसके बाद इस विश्वविद्यालय पर शिकंजा कसा गया। ईडी अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दिकी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इस पर सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तारीख तय की गई है। 31 जनवरी को सुनवाई के दौरान सिद्दिकी के वकीलों ने और समय मांगा था। उनका कहना था की ईडी ने 10,000 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। इससे जुड़े दस्तावेजों को पढ़ने के लिए उन्हें और समय चाहिए।

ईडी ने जनवरी में कुर्क की थी संपत्ति

ईडी ने हरियाणा स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की 140 करोड़ रुपये की जमीन और इमारतों को 16 जनवरी को कुर्क कर लिया था। लाल किला के पास 10 नवंबर को बम विस्फोट के बाद यह विश्वविद्यालय सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आया था। ईडी ने अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दिकी और उनके चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया है। धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत अंतरिम आदेश जारी होने पर फरीदाबाद के धौज इलाके में स्थित इस विश्वविद्यालय की 54 एकड़ भूमि और उसकी इमारतों को कुर्क कर लिया गया था जिनमें विभिन्न स्कूलों और विभागों के भवन, छात्रावास आदि शामिल हैं। ईडी ने सिद्दिकी को उनके अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन के आरोपों में नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था।

2018 से 2025 के बीच 415 करोड़ी की कमाई

अल फलाह समूह के खिलाफ ईडी की जांच दिल्ली पुलिस अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई दो प्राथमिकियों पर आधारित है। आरोप है कि अल फलाह विश्वविद्यालय ने गैरकानूनी लाभ की खातिर विद्यार्थियों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों को गुमराह करने के लिए एनएएसी मान्यता और यूजीसी मान्यता के बारे में झूठे और भ्रामक दावे किए। इससे पहले ईडी ने कहा था कि विश्वविद्यालय ने 2018 एवं 2025 के बीच 415.10 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। उसने कहा था कि आय में ‘यह तीव्र वृद्धि’ समूह के घोषित वित्तीय आंकड़ों या उसकी संपत्ति के विस्तार से मेल नहीं खाता है। एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान विश्वविद्यालय की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई। इस मामले में विश्वविद्यालय से जुड़े दो चिकित्सकों मुजम्मिल अहमद गनई और शाहीन सईद को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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