गुरुग्राम के सोहना रोड इलाके में 12वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार और कैब की मामूली टक्कर के बाद कई टैक्सी ड्राइवरों ने छात्रा की कार को घेर लिया और उसके ड्राइवर के साथ हाथापाई की। इतना ही नहीं आरोपियों ने कार में मौजूद छात्रा को बाहर निकालने के लिए बार-बार दरवाजा खोलने की कोशिश भी की।
डरी हुई छात्रा ने तुरंत कार का सेंट्रल लॉक लगा लिया और खुद को अंदर बंद कर लिया। घटना के दौरान वह रोने लगी और अपनी मां को वीडियो कॉल कर पूरी जानकारी दी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 20 बार कॉल कर मदद मांगी, लेकिन पुलिस करीब 37 मिनट बाद मौके पर पहुंची। इस दौरान छात्रा लगातार डर और दहशत के माहौल में रही।
12वीं की परीक्षा देकर लौट रही थी छात्रा
सेक्टर-67 निवासी महिला ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उनकी बेटी गुरुवार को 12वीं की परीक्षा देकर अपनी सहेली के साथ घर लौट रही थी। सहेली को पार्क व्यू सिटी-2 में छोड़ने के बाद वह कार चालक भूरी सिंह के साथ घर आ रही थी। इसी दौरान सेक्टर-49 स्थित पार्क व्यू सिटी-2 के पास उनकी कार की एक कैब से मामूली टक्कर हो गई। आरोप है कि टक्कर के बाद कई टैक्सी ड्राइवर मौके पर इकट्ठा हो गए और कार चालक को बाहर निकालकर उसके साथ अभद्रता और हाथापाई करने लगे। इसी बीच कुछ लोगों ने कार को चारों तरफ से घेर लिया। महिला का आरोप है कि टैक्सी ड्राइवरों ने उनकी बेटी को बाहर निकालने के लिए कार के दरवाजे कई बार खोलने की कोशिश की, लेकिन छात्रा ने डर के चलते दरवाजा नहीं खोला।
20 बार फोन किया, 37 मिनट बाद पहुंची पुलिस
घटना से घबराई छात्रा ने अपनी मां को वीडियो कॉल कर पूरी स्थिति दिखाई और पुलिस से मदद मांगी। महिला का कहना है कि उनकी बेटी ने शाम 5 बजकर 2 मिनट पर पहली कॉल पुलिस कंट्रोल रूम में की थी। बाद में पुलिस ने लोकेशन पूछने के लिए कॉल भी किया, लेकिन समय पर सहायता नहीं पहुंची। मां-बेटी ने मिलकर 20 से ज्यादा बार पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क किया, लेकिन पुलिस टीम करीब 37 मिनट बाद मौके पर पहुंची।
महिला ने सोशल मीडिया पर बताई कहानी
महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस के पहुंचने के बाद भी टैक्सी ड्राइवरों का व्यवहार ठीक नहीं था। हालात से निकलने और पीछा छुड़ाने के लिए उन्हें आरोपियों को दो हजार रुपए देने पड़े, जिसके बाद मामला शांत हुआ। महिला ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद महिला ने सोशल मीडिया पर पूरी आपबीती साझा की, जिसके बाद पुलिस की सोशल मीडिया टीम ने उनसे संपर्क कर जांच का भरोसा दिया। हालांकि, महिला का कहना है कि देर रात तक भी स्थानीय पुलिस की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया।
मामले की जांच कर रही पुलिस
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार का कहना है कि मामला सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि पुलिस टीम को मौके पर पहुंचने में देरी क्यों हुई। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
(गुरुग्राम से गोहित कौशिक की रिपोर्ट)
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