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Coronavirus: 48.3 फीसदी लोगों का मानना, वे भी आ सकते हैं वायरस की चपेट में

 Reported By: IANS
 Published : Mar 30, 2020 08:43 pm IST,  Updated : Mar 30, 2020 08:43 pm IST

कुल 46 फीसदी भारतीयों का मानना है कि कोरोनावायरस उनके परिवार को नहीं छुएगा, जबकि 48.3 फीसदी को लगता है कि ऐसी संभावना है कि वे भी इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ सकते हैं।

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48.3 फीसदी लोगों का मानना, वे भी आ सकते हैं वायरस की चपेट में

नई दिल्ली: कुल 46 फीसदी भारतीयों का मानना है कि कोरोनावायरस उनके परिवार को नहीं छुएगा, जबकि 48.3 फीसदी को लगता है कि ऐसी संभावना है कि वे भी इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ सकते हैं। भारत में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और यहां संक्रमित लोगों की संख्या एक हजार पार हो चुकी है, साथ ही 29 लोगों की जान भी जा चुकी है, जिससे काफी लोग भयभीत हैं। एक सर्वेक्षण में सोमवार को इसका पता चला। 26 और 27 मार्च को आईएएनएस व सी-वोटर द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि वायरस को लेकर लोगों में दहशत बढ़ गई है।

17 मार्च को 39.1 फीसदी लोग इस बात से सहमत दिखे थे कि वायरस के कारण एक घबराहट की स्थिति है, लेकिन 10 दिनों के बाद अब कुल 48.3 फीसदी लोगों में भय साफ तौर पर देखा गया है। इसके अलावा 10 दिन पहले 17 मार्च को किए गए सर्वेक्षण में लगभग 69 फीसदी लोगों ने माना था कि कोरोना उनके परिवारों को नहीं छुएगा।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बाद अब लोगों के विश्वास का स्तर भी लगभग 12 फीसदी कम हो गया है। इसकी वजह से अब लगभग 48 फीसदी का मानना है कि वायरस उनके परिवारों को संक्रमित कर सकता है, लेकिन 10 दिन पहले लगभग 39 फीसदी लोगों का ही ऐसा मानना था।

सर्वेक्षण के दौरान, 1.2 फीसदी लोगों ने कोरोनावायरस की स्थिति पर कुछ भी कहने से मना कर दिया था, वहीं अब 10 दिनों के बाद 5.2 फीसदी लोगों द्वारा इसी तरह की प्रतिक्रिया दी गई। हालांकि लगभग 46.5 फीसदी लोग अभी भी भयभीत हैं, वहीं 10 दिन पहले ऐसे लोगों की संख्या 59.5 फीसदी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोविड-19 के प्रकोप से लड़ने के लिए केंद्र द्वारा कठोर कदम उठाने के लिए माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि इस लड़ाई को जीतने के लिए इन कठिन उपायों की आवश्यकता है।

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