जयपुर: पाकिस्तान ने कहा कि वार्ता किसी एक देश की ओर से दूसरे देश पर किया जाने वाला अहसान नहीं है बल्कि संबंधों को सामान्य बनाने की एक जरूरत है। पाकिस्तान ने भारत के साथ विदेश सचिव स्तर की वार्ता में देरी की पृष्ठभूमि में यह बात कही है। भारत यह स्पष्ट कर चुका है कि पठानकोट आतंकवादी हमले में कार्रवाई प्राथमिकता है।
भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा कि हमने अभी दरवाजे बंद नहीं किए हैं। सहयोग की भावना बनी रहनी चाहिए। हम पठानकोट घटना की तह में जाना चाहते हैं। यह जरूरी है कि हम संयम बरतें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ आपसी सम्मान और आपसी हितों के आधार पर संबंधों को सामान्य बनाना चाहते हैं।
बासित ने राजस्थान पत्रिका आइडिया फेस्ट 2016 को संबोधित करते हुए कहा कि हम मकसद की गंभीरता के साथ इस नीति पर चल रहे हैं। बासित ने ‘‘ऐसी वार्ता की भी वकालत की जिसमें कोई बाधा न डाली जा सके और जो निर्बाध रूप से जारी रहे। पाकिस्तान उच्चायोग द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।
पाक उच्चायुक्त ने कहा कि वार्ता किसी एक देश का दूसरे देश पर अहसान नहीं है बल्कि संबंधों को सामान्य बनाने की एक जरूरत है। उन्होंने साथ ही कहा कि जम्मू और कश्मीर हमारी सभी द्विपक्षीय समस्याओं का मूल कारण हैं और हमें आपसी सहमति के आधार पर इस मुद्दे के समाधान के लिए काम करना चाहिए।
पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को वार्ता पर प्राथमिकता देने के संकेत देते हुए विदेश सचिव एस जयशंकर ने इस सप्ताह के पूर्व में कहा था कि एक आतंकवादी हमले के बाद , यदि आप मुझसे पूछते हैं कि आप किसे प्राथमिकता देते हैं। आतंकवादी हमले को या राजनयिक वार्ता को, तो मैं समझता हूं कि जवाब साफ होना चाहिए।