नई दिल्ली: सूबे के सबसे ताक़तवर मंत्री आज़म खान की भैंस चोरी के मामले के खुलासे के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाने वाली रामपुर पुलिस को अब 12 मुर्गिया चोरी होने के मामले का खुलासा करने का चेलेंज मिल गया है। ये बात अलग है कि आज़म खान की भैंस चोरी के मामले की रिपोर्ट दर्ज करने में पुलिस ने ज़रा भी देरी नहीं दिखाई थी। मगर रामपुर के फरहान उल्लाह खान की एक दर्जन मुर्गी चोरी हो जाने के मामले में पुलिस ने उन्हें रिपोर्ट दर्ज करने के बजाये थाने से टरका दिया था। लेकिन राजभवन के हस्तक्षेप के बाद इस मामले के खुलासे के लिए 5 दिन का वक़्त मिला है।
फरहान उल्लाह खान को मुर्गिया पालने का शौक है। पिछली 19 मार्च को उनके मकान की छत पर बनी धावली से उनकी 12 मुर्गिया को अज्ञात चोर चुराकर ले गया। मुर्गी प्रेम से पीड़ित फरहान उल्लाह खान ने इस मामले की तहरीर कोतवाली पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने उसकी तहरीर पर कोई कार्यवाही न करते हुए मुर्गी चोरी जैसे छोटे मामले को मामूली बताकर रिपोर्ट दर्ज करने से माना कर दिया।
पीड़ित फरहान उल्लाह खान ने मुर्गी चोरी के मामले में पुलिस हीला हवाई पर अपनी पीड़ा की गुहार 21 मार्च को राजभवन की बेव साइट के ज़रिये गवर्नर से लगायी। यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर हमेशा सूबे की सरकार को आड़े हाथो लेने वाले राजभवन ने मुर्गी चोरी जैसी मामूली घटना दिखाई देने वाली इस वारदात पर पूरा संज्ञान ले डाला। और रामपुर जिला अधिकारी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की गुत्थी सुलझाने के आदेश दिए है।
जिसके बाद पुलिस को 5 दिन में मामले को सुलझाने का समय दिया गया है। इस मामले में पुलिस और ज़िले के आला अधिकारी कैमरे पर बोलने से कतरा रहे है। मुर्गिया चोरी होने के बाद मानसिक रूप से खुद को तनावग्रस्त महसूस कर रहे पीड़ित मुर्गी प्रेमी फरहान उल्लाह खान देर से ही सही लेकिन इस प्रकरण पर राजभवन के संज्ञान लेने से गवर्नर का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहे है। वही उन्हें राजभवन के आदेश के बाद उन्हे अपनी चोरी हुई मुर्गियों के मिलने और चोरी के खुलासे की पूरी उम्मीद हो चुकी है।