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वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से 84 घाटों का संपर्क टूटा, अंतिम संस्कार के लिए भी जगह की किल्लत

 Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Aug 18, 2026 07:47 pm IST,  Updated : Aug 18, 2026 07:47 pm IST

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ गए हैं। 84 घाटों का संपर्क टूट गया है और शवों के अंतिम संस्कार के लिए भी जगह की किल्लत हो रही है।

Varanasi- India TV Hindi
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हड़कंप Image Source : REPORTER INPUT

वाराणसी: काशी में गंगा की रफ्तार तेज हो गयी है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर करीब 67 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं 4 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ना लगातार जारी है, ऐसे में वाराणसी कमिश्नर पुलिस में सावन में होने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते सुरक्षा के लिहाज से अगले आदेश तक नाव संचालन पर रोक लगा दी है।

वहीं हरीशचंद्र घाट पर शव घाट के आखिरी स्थान पर शवदाह किया जा रहा है तो मणिकर्णिका घाट पर समूह का दाह संस्कार छत पर किया जा रहा है। काशी के घाटों पर होने वाली गंगा आरती घाट के बदले छत पर हो रही है। हालात ऐसे हैं कि 84 घाटों का संपर्क भी टूट चुका है, जिसके कारण आवागमन ठप है।

बाढ़ के पानी से हालात बिगड़े

प्रयागराज से काशी पहुंची बाढ़ के बाद हालात बेलगाम हो गए हैं। काशी के दशाश्वमेघ घाट, शीतला घाट पर दैनिक गंगा आरती छत पर हो रही है तो अस्सी घाट पर होने वाली आरती का स्थान बदल गया है। वहीं घाट के किनारे के बड़े से लेकर छोटे मन्दिर जलमग्न हो चुके हैं। 

84 घाटों का आपस में सम्पर्क टूट चूका है, जिसके कारण आवागमन बंद हो चुका है तो घाटों पर होने वाले अन्य आयोजन बंद हो गए है। सावन माह में लाखों श्रद्धालुओं के काशी आने के कारण सुरक्षा के दृष्टिगत नाव संचालन पर रोक लगा दी गई है। पुलिस ने बाढ़ पर लगातार नजर बनाने के लिए ड्रोन कैमरे के साथ निगरानी बढ़ा दी है तो वहीं जल पुलिस और NDRF लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

सैलानी मायूस

बाढ़ के हालात के कारण पर्यटन के बड़े केंद्र बनारस में नाव के संचालन और बाढ़ के कारण हालात से सैलानी भी मायूस हैं। किसी को गंगा आरती न देखने का मलाल है तो किसी को बोटिंग ना कर पाने का, हालात ऐसे हैं कि राजघाट से अस्सी घाट तक सिर्फ पानी ही पानी है।

बाढ़ का सीधा असर मोक्ष पर भी दिखाई देने लगा है, शवदाह के घाट हरीशचंद्र पर शवदाह एक बचे हिस्से में किया जा रहा है तो वहीं घाट के डोमराजा बहादुर चौधरी ने बताया कि गंगा जिस रफ्तार से बढ़ रही है, सिर्फ 2 फुट पानी और बढ़ने के बाद घाट पर शवदाह बंद हो जायेगा और गलियों में अंतिम संस्कार करना पड़ेगा, जहां अभी नगर निगम ने सफाई भी नहीं कराई है, जिससे आगे परेशानी होने वाली है। वही मणिकर्णिका घाट पर शव का अंतिम संस्कार घाट के बदले छत पर किया जा रहा है।

हाल ही में ये खबर सामने आई थी कि सावन के पहले सोमवार पर काशी के मंदिरों में भक्तों का तांता लग गया था। (रिपोर्ट- अश्विनी त्रिपाठी)

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