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सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, उज्जैन से काशी तक मंदिरों में भक्तों का तांता

 Written By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1
 Published : Aug 03, 2026 08:01 am IST,  Updated : Aug 03, 2026 08:14 am IST

सावन के पहले सोमवार पर देश भर के शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। उज्जैन, काशी, देवघर समेत देश भर के शिवालयों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं।

महाकाल की भस्मआरती...- India TV Hindi
महाकाल की भस्मआरती (उज्जैन) Image Source : ANI

नई दिल्ली: सावन का पहला सोमवार होने के कारण आज सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। सुबह से ही शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा हैं। मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। उज्जैन के महाकाल मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, देवघर बाबा धाम समेत देश के कोने-कोने में आस्था के इस उत्सव की तस्वीरें देखने को मिल रही हैं।

रात ढाई बजे खुला महाकालेश्वर का पट

उज्जैन के महाकालेश्वर मन्दिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु देर रात से ही कतार में लगे हुए हैं। रात्रि ढाई बजे मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद तीन बजे बाबा महाकाल की भस्म आरती शुरू हुई। भस्म आरती के पहले बाबा को जल से नहलाकर महा पंचामृत अभिषेक किया गया जिसमे दूध, दही ,घी, शहद व फलों के रसों से अभिषेक हुआ। अभिषेक के बाद भांग और चन्दन से भोलेनाथ का आकर्षक श्रंगार किया गया और भगवान को वस्त्र धारण कराये गए। तत्पश्चात बाबा को भस्म चढाई गई। भस्मिभूत होने के बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े व शंखनाद के साथ बाबा की भस्म आरती की गई। भक्त आज के दिन का विशेष इंतजार करते हे इसलिए आज महाकाल के दरबार में सुबह से ही उत्साह और आनंद का माहौल है।

सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकाले जाने की भी परंपरा है। इसलिए आज शाम को बाबा की सवारी भी निकाली जाएगी । मान्यता है कि अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए सवारी के रूप में राजा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं। यहां बाबा की सवारी के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु सड़तों के किनारे घंटो इन्तजार करते हैं और महाकाल की एक झलक पा कर अपने आप को धन्य मानते हैं।

काशी विश्वनाथ में पुष्पवर्षा से श्रद्दालुओं का स्वागत

वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में भी सावन के पहले सोमवार पर भारी भीड़ देखने को मिली। जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से पहुंचे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का मंदिर प्रशासन ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मंगला आरती के बाद से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया, मंदिर में प्रवेश के लिए दोनों ओर से कतारें लगीं। मैदागिन से चौक होते हुए गेट नंबर 4 सिल्को गली और गेट नंबर 4-A के रास्ते, वहीं गोदौलिया से ढूंढीराज गेट नंबर 1 और नन्नू फरिया लेन से भक्त लगातार मंदिर परिसर में पहुंच रहे हैं, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस अलर्ट मोड में रही। 

sawam devotees
Image Source : ANI/REPORTER INPUTदेवघर (बाएं) और काशी विश्वनाथ (दाएं) में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

देवघर में भी उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भी सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हैं। सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर करीब 100 किमी की दूरी पैदल तय करके कांवड़िए बाबा बैद्यनाथ में जलाभिषेक करते हैं। भीड़ को देखते हुए मंदिर और शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जलार्पण के लिए अतिरिक्त अर्घा और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित दूधेश्वर नाथ मंदिर में भी सुबह से भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सावन के पहले सोमवार पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने माहौल को पूरी तरह शिवमय बना दिया है।

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