नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने कहा कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि भारत ने याकूब मेमन को इसलिए फांसी दी क्योंकि वह उसके भाई टाइगर मेमन को पकड़ने में असफल रही है, 1993 में मुंबई में हुए बम धमाके में याकूब मेमन और टाइगर मेमन दोनों भाई आरोपी हैं। याकूब मेमन ने बम धमाके में इस्तेमाल हुई गाड़ियों को खरीदा था और गाड़ियो में लगे बम को कब ब्लास्ट करना है इसका समय भी याकूब मेमन ने ही निर्धारित किया था।
काफ्रेंस में दाऊद और मेमन पर अजित डोवाल का जवाब-
कांफ्रेस में दाऊद इब्राहिम के बाद अजित डोवाल से टाइगर मेमन और याकूब मेमन के बारे में पूछा गया कि क्या टाइगर मेमन को नहीं पकड पाने के कारण याकूब मेमन को फांसी पर लटका दिया गया? इस सवाल पर NSA डोवाल ने स्ट्रॉन्गली रिएक्ट करते हुए कहा कि याकूब का केस अलग था। टाइगर का केस अलग है। याकूब को अपने किए की सजा मिली टाइगर को भी अपने जुर्मों की सजा मिलेगी।
हिंसा का जवाब हिंसा से लेकिन राष्ट्रहित में ऐसा करना जरूरी हो तब-
आखिर में डोवाल ने सबसे बड़ी बात कही डोभाल ने कहा कि अगर कोई हिंसा करता है तो उसका जवाब हिंसा से देना चाहिए लेकिन ये तभी होना चाहिए जब राष्ट्रहित में ऐसा करना जरूरी हो। जी हां इसमें किसी बात का कन्फ्यूजन नहीं होना चाहिए, लेकिन इसका भी एक तरीका है इसके लिए लोग निर्धारित हैं देश के कानून, संविधान को ध्यान में रखते हुए और राष्ट्रहित में हो तो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है आप अंधाधुंध तरीके से हिंसा नहीं कर सकते। ये मान्य नहीं है लेकिन अगर राष्ट्रहित के बचाव की बात हो तो फिर इससे पीछे नहीं हटना चाहिए। इससे कोई समझौता नहीं हो सकता, क्योंकि ये व्यवस्थाएं देश की रक्षा के लिए ही बनाई गई हैं।
इस कदर दुश्मन को देना चाहिए जवाब कि जबड़े और आंख पर वार करने की सोच भी ना पाए-
दांत के बदले दांत और सज़ा देना अच्छी नीति है। आपको इस कदर अपने दुश्मन को जवाब देना चाहिए कि आपके जबड़े और आंख पर वार करने की सोच भी ना पाए। समस्या का निवारण बहुत जरूरी है और अपनी ताकत का तभी इस्तेमाल करना चाहिए जब जरूरी हो। आप किसी को सजा देने के लिए काम नहीं कर रहे हैं। अगर आप किसी और के हमले को लेकर उकसावे में आते हैं तो आप भी उसके लिए जिम्मेदार हैं। ये उकसावा आपकी कमजोरी बन जाएगा और आप इसे सहन करते रहेंगे। यानी जो शक्ति आपके पास है आप उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे। इंडिया का ये माइंडसेट है कि वो अपनी ताकत से कम इस्तेमाल करता है।
दाऊद के लिए सीक्रेट ऑप्रेशन की जरूरत-
हमे अपनी ताकत से ज्यादा हमला नहीं करना ना ही अपनी ताकत से कम करना है। हमें अपनी ताकत बढ़ानी है और उस हिसाब से जवाब देना है। हमला करना है।
अजीत डोवाल ने कहा दाऊद के लिए सीक्रेट ऑपरेशन की ज़रूरत है। दाऊद एक भगोड़ा है और ISI के साये में छिपा है।