लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती पर तंज कसते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज कहा कि वह नहीं डरते लेकिन बुआ का डर सबको होना चाहिए। साथ ही उन्होंने रमाबाई पार्क को अंबेडकर विश्वविद्यालय को सौंपने के फैसले का ऐलान भी किया।
अखिलेश यादव यहां राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के एक समारोह में कहा, अभी मैं बगल की यूनीवर्सिटी अंबेडकर विश्वविद्यालय में गया था। वहां के कुलपति ने कहा कि रमाबाई पार्क बहुत अच्छा है। इसे विश्वविद्यालय से जोड दिया जाए। अंबेडकर बगल में हो और उनका पार्क दूर हो तो मैंने उसे जोडने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि आज वह जिस सभागार में बोल रहे हैं, वह इसी विश्वविद्यालय का हिस्सा रहा है। यहां के छात्रों को नहीं पता होगा कि ये सभागार विश्वविद्यालय का ही हिस्सा रहा है। ये आपके विश्वविद्यालय का ही हिस्सा था। आपकी आवाज चूंकि मैं सुन रहा हूं। मुझे डर नहीं लगता लेकिन बुआ का डर सबको होना चाहिए।
अखिलेश ने कहा, मैं इस सभागार को भी विश्वविद्यालय से जोडने को तैयार हूं। ये हिस्सा नेताजी (सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव) ने दिया है। हम समाजवादी लोग हैं, जोडने वाले लोग हैं। अगर बाबा साहेब अंबेडकर को रमाबाई पार्क से जोड सकते हैं तो इस विश्वविद्यालय को उसका अपना सभागार भी वापस कर सकते हैं। प्रस्ताव चाहिए और ये होना भी चाहिए।
उन्होंने सभागार के रखरखाव के लिए धन का इंतजाम करने का ऐलान करते हुए कहा कि सबसे ज्यादा उम्मीद युवाओं से है। गरीब चाहता है कि उसे न्याय मिले। अगर आपका, हमारा और सबका सहयोग साथ रहेगा तो गरीब को न्याय मिलेगा तो सबसे खुशहाल ये देश और प्रदेश होगा।