मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के शामली में चुनावी जीत के जश्न के एक दौरान हुई फायरिंग में एक लड़के की मौत की खबर कवर करने गए मीडियाकर्मियों पर हमले को लेकर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सपा विधायक नाहीद हसन को कारण बताओ नोटिस जारी किया और नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख को पार्टी से निकाल दिया।
सपा के प्रान्तीय प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शामली के कैराना विकासखण्ड के प्रमुख पद पर सपा प्रत्याशी की जीत के जश्न में फायरिंग में आठ साल के एक बच्चे की मौत और इस घटना की कवरेज करने गये मीडियाकर्मियों से अभद्रता को गम्भीरता से लेते हुए कैराना से पार्टी विधायक नाहिद हसन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि अखिलेश ने नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख नफीसा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने और अनुशासनहीनता के आरोप में दल से निकाल दिया है।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर यह भी बताया है कि उन्होंने मुख्य सचिव आलोक रंजन को सम्बन्धित उपजिलाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक को फौरन हटाकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए हैं। मालूम हो कि कल मुजफ्फरनगर के कैराना ब्लाक प्रमुख पद पर पार्टी उम्मीदवार नफीसा की जीत का जश्न मना रहे समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता द्वारा चलाई गोली लगने से सामी नामक आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसकी कवरेज करने गये एक अंग्रेजी समाचार चैनल की टीम से विधायक नाहिद हसन ने कथित रूप से बदतमीजी और गाली-गलौज की थी। पीड़ित मीडियाकर्मी का कहना है कि सपा के गुंडों ने उसका कैमरा जबरन छीन लिया और वीडियो मिटा दिया। साथ ही उन्होंने उसे कुछ देर बंधक भी बनाया। इसके अलावा चैनल की महिला रिपोर्टर से भी गालीगलौज की गई।