नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि सबका साथ, सबका विकास का नारा तब तक फलीभूत नहीं होगा जब तक विशेष रूप से सक्षम लोगों समेत समाज के सभी वर्गों को इसमें शामिल नहीं किया जाता।
प्रधानमंत्री ने विकलांग शब्द की जगह दिव्यांग शब्द का इस्तेमाल करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे समाज के इस वर्ग के प्रति व्यवहार में बदलाव आएगा। पीएम यहां सुगम्य भारत अभियान शुरू करने और विकलांग जनों को सशक्तीकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करने के लिए आयोजित समारोह में शामिल नहीं हो सके लेकिन उनकी अनुपस्थिति में वित्त मंत्री अरण जेटली ने उनका संदेश पढ़ा।
प्रधानमंत्री आज चेन्नई में भयावह बाढ़ की स्थिति में व्यक्तिगत रूप से हालात का जायजा लेने के लिए वहां रवाना हो गए और उन्होंने जेटली ने कार्यक्रम में उनका प्रतिनिधित्व करने को कहा। मोदी ने अपने संदेश में कहा कि सबका साथ, सबका विकास सच्चे अर्थों में तब तक पूरा नहीं होगा जब तक समाज के सभी वर्गों को इसमें शामिल नहीं किया जाता।
आज अंतरराष्ट्रीय विकलांगजन दिवस के मौके पर शुरू किये गये सुगम्य भारत अभियान का उद्देश्य परिवहन के साधनों, सरकारी इमारतों, पर्यटन स्थलों, हवाईअड्डों, रेलवे स्टेशनों और इंटरनेट प्रौद्योगिकी को विकलांग लोगों के लिए अनुकूल बनाना है। उन्होंने कहा कि विकलांग लोग परेशानियों से उबरने में अपने दृढ़संकल्प के कारण प्रेरणादायी होते हैं।
समारोह में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सुगम्य भारत अभियान को लागू करने के लिए मिशन मोड में प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने एक वेब पोर्टल और एक मोबाइल एप भी शुरू किया।