लखनऊ: कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने को लेकर पिछले साल निलंबित किए गए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने आज दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें पूरे वेतन के साथ बहाल कर दिया है। उन्होंने इस घटनाक्रम को न्याय की जीत बताया। ठाकुर ने दावा किया कि उन्हें 11 अक्तूबर 2015 से पूरे वेतन के साथ बहाल किया गया है जैसा कि केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की लखनउ पीठ ने निर्देश दिया था।
प्रधान सचिव :गृह: देबाशीष पांडा के 11 मई 2016 के आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने अपने 31 मार्च 2016 के आदेश के जरिए निलंबन को रद्द कर दिया जिसे केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की लखनउ पीठ ने 25 अप्रैल 2016 को फिर से दोहराया।
ठाकुर ने एक प्रेस नोट में कहा, केंद्र सरकार ने फिर से यही निर्देश उत्तर प्रदेश सरकार को 26 अप्रैल 2016 के अपने आदेश के जरिए दिया और इन सभी आदेशों के अनुपालन में 11 अक्तूबर 2015 से पूरे वेतन के साथ बहाली की गई है। उन्होंने इसे न्याय की जीत करार देते हुए दावा किया, आदेश में कहा गया है कि तैनाती के लिए आदेश अलग से जारी किया जाएगा।
गौरतलब है कि ठाकुर ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने उन्हें धमकी दी थी। उन्हें पिछले साल जुलाई में राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया था।