नई दिल्ली: 5 फरवरी से शुरू होने वाले कराची लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होने के लिए अनुुपम खेर को वीज़ा ना मिलने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पाकिस्तान हाईकमिश्नर अब्दुल बासित ने अनुपम खेर को फोन करके वीजा मामलें में खेद जताया है। बासित ने अनुपम खेर को कराची आने का निमंत्रण दिया। इस पर अनुपम खेर ने कहा कि अब उन्होनें इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।
कराची में 5 तारीख से होने वाले लिटरेरी फेस्टीवल के लिए वीजा नहीं दिए जाने से अनुपम खेर काफी नाराज हैं। अनुपम खेर ने आरोप लगाया है कि ये सब पाकिस्तानी उच्चायोग के कहने पर हुआ जबकि पाकिस्तानी उच्चायुक्त कह रहा है कि उन्होंने वीजा के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
अनुपम खेर ने खुलकर पाकिस्तानी उच्चायुक्त के दावों को खारिज किया है। उनका दावा है कि उन्हें पाकिस्तानी वीजा इसलिए नहीं दिया गया, क्योंकि वो कश्मीरी पंडितों और मोदी सरकार के पक्ष में बोलते रहे हैं। अन्य 17 प्रतिभागियों को वीजा मिल गया है।
पूरे मामले पर अब्दुल बासित, पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने कहा कि, "ये एक यूनिवर्सल प्रैक्टिस है,वीजा एप्लीकेशन को तभी प्रोसेस में लाया जाता है। जब वीजा एप्लीकेशन मिलती है... वीजा किसी निमंत्रण के आधार पर नहीं दिया जाता है। हम उम्मीद करते हैं कि उनके ऑफिस ने वीजा के लिए दस्तावेज पेश किए होंगे। जैसा कि उस कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे दूसरे लोगों ने किया है। बाकि लोगों ने वीजा के लिए दस्तावेज पेश किए और उन्हें वक्त पर वीजा मिला। हमारे पास वीजा के लिए कोई आवेदन नहीं किया गया था, यही सच्चाई है।
अब्दुल बासित के बयान के बाद अनुपम खेर ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर बासित को जवाब देते हुए लिखा है कि, 'सच्चाई अभी भी वही है कि इंटीरियर मंत्री ने मेरे वीजा के लिए NOC देने से इंकार कर दिया, जिन 17 दूसरे लोगों को आमंत्रित किया गया उन्होंने ने भी वीजा के लिए आवेदन नहीं किया था।'
अनुपम खेर ने उनके साथ भेदभाव किए जाने पर हैरानी जताते हुए कहा है कि शायद पिछले कुछ दिनों से कश्मीर और दूसरे मसलों पर खुलकर बोलने के चलते उनके साथ ऐसा किया गया है।
हालांकि खबर है कि लिटरेटर फेस्टिवल के आयोजकों ने पाकिस्तान उच्चायुक्त को उन लोगों के बारे में एक लिस्ट दी थी जिन्हें पाकिस्तान फेस्टिवल में शिरकत करने जाना था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी हाई कमीशन को अनुपम खेर के नाम पर आपत्ति थी और अनुपम को वीजा न मिलने के पीछे इसे ही वजह माना जा रहा है।
कराची लिट्रेचर फेस्टिवल की संयोजक अमीना सैयद ने भी पाकिस्तान हाईकमीशन के झूठ का पर्दाफाश करते हुए कहा कि, पाकिस्तान हाईकमीशन ने कहा था कि अनुपम खेर को वीजा नहीं दे पाएंगे।
अब अनुपम 5 फरवरी से शुरू होने वाले कराची लिटरेचर फेस्टिवल में नहीं जा पाएंगे लेकिन बाकी 17 लोगों में से अभिनेत्री नंदिता दास, पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, ट्रांस्जेंडर कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को कराची की उड़ान भरने की हरी झंडी मिल चुकी है।
इससे पहले भी पिछले साल पाकिस्तान ने अनुपम खेर को उस समय वीजा देने से इंकार कर दिया था जब उन्हें लाहौर में एक एनजीओ के कार्यक्रम के लिए बुलाया गया था।