नई दिल्ली: पठानकोट मामले पर जहां जवाबी कार्रवाई में हुई लेतलतीफी को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं वहीं सेना प्रमुख दलबीर सुहाग ने बुधवार को इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ दी। उन्होंने बताया कि आखिर इस आपरेशन में किस वजह से देर हुई और इसे क्यों इतना लंबा खींचा गया। उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि जान-माल का कम से कम नुकसान हो इसलिए इस आपरेशन को लंबा खींचा गया। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते पठानकोट एअरफोर्स बेस पर 4 आतंकियों ने हमला कर दिया था, इस हमले में वायु सेना के 7 जवान शहीद हो गए थे।
आर्मी चीफ ने क्या कहा:
सुहाग ने बताया, “पठानकोट में ऑपरेशन के वक्त आपसी सामंजस्य या तालमेल जैसा कोई मसला नहीं था। एयरबेस कोई आम जगह नहीं थी। वहां भारी नुकसान हो सकता था। इसे रोकने के लिए संभल कर ऑपरेशन चलाया गया। इसलिए देर हुई। जो जवान उस वक्त मौके पर थे उन्होंने ही ऑपरेशन को लेकर फैसले लिए और अच्छी तरह से ऑपरेशन को पूरा किया। जिस बिल्डिंग में आतंकियों ने कब्जा किया था वहां दो जवान थे। पहले उन्हें निकाला गया फिर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन लॉन्च किया गया। कैम्पस में दस हजार नागरिक थे, इसलिए हालत के मुताबिक फैसले लिए गए।''
क्या कहा मुशर्रफ ने:
मुशर्रफ ने पाकिस्तानी टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में कहा, “पठानकोट मामले में भारत कुछ ज्यादा प्रतिक्रियाएं दे रहा है। इस तरह के हमले भविष्य में भी होते रहेंगे। आतंकवाद भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में हैं। हम भी इसके पीड़ित हैं, इसलिए पठानकोट जैसे मसले पर बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया देने से कुछ नहीं होगा। हमें इस पर नियंत्रण करना चाहिए।”