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अवॉर्ड वापसी की राह पर अरुंधति रॉय, कहां- खड़े नहीं हुए तो दफना दिए जाएंगे

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 05, 2015 06:54 pm IST,  Updated : Nov 05, 2015 06:54 pm IST

नई दिल्ली: असहिष्णुता के नाम पर अवॉर्ड लौटाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अवॉर्ड लौटाने वालों की लिस्ट में अब एक और नाम जुड़ गया है। बुकर पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार

अरुंधति रॉय ने लौटाया...- India TV Hindi
अरुंधति रॉय ने लौटाया राष्ट्रीय पुरस्कार

नई दिल्ली: असहिष्णुता के नाम पर अवॉर्ड लौटाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अवॉर्ड लौटाने वालों की लिस्ट में अब एक और नाम जुड़ गया है। बुकर पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार अरुंधति रॉय ने बेस्ट स्क्रीन प्ले के राष्ट्रीय पुरस्कार को लौटा दिया है।

अरुंधति रॉय ने कहा कि असहिष्णुता के खिलाफ राजनीतिक आंदोलन से जुड़ने को लेकर वो गर्व महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि बीफ बैन, अल्पसंख्यकों पर हमले और साहित्यकारों की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है, जो कि बेहद शर्मनाक है।

रॉय ने कहा कि उन्हें खुशी है कि वो राष्ट्रीय पुरस्कार लौटा कर साहित्यकारों और शिक्षाविदों के साथ जुड़ गई हैं, जो मौजूदा सरकार की चुप्पी का खुला विरोध कर रहे हैं। अरुंधति ने कहा कि उन्होंने 2005 में साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा दिया था जब कांग्रेस सत्ता में थी।

अरुंधति ने कहा, ‘पूरी जनता, लाखों दलित, आदिवासी, मुस्लिम और ईसाई आतंक में जीने को मजबूर हैं। उन्हें हमेशा यह डर रहता है कि न जाने कब कहां से हमला हो जाए। अगर हमारे जैसे लोग अब एक साथ नहीं खड़े हुए तो हम अलग-थलग पड़ जाएंगे या हमें दफना दिया जाएगा।’

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