नई दिल्ली: वैश्वीकरण के दौर में विदेश यात्रा के जरिए अन्य देशों से अपने संबंध मधुर बनाना कूटनीतिक और राजनीतिक लिहाज से बेहतर माना जाता है। व्यापार, विकास और वृद्धि के पैमाने पर यह हर देश के लिए उचित होता है कि वह संबंधों की बहाली और देश की तरक्की के लिए अन्य देशों से तकनीक, हथियार और अन्य जरूरी सामानों का आदान प्रदान करें। हालांकि कभी कभी ज्यादा विदेशी यात्राएं करना भी अपने ही देश में सवालों के घेरे में आ जाता है। भारत में भी कुछ ऐसा ही हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश यात्राओं पर भी सवाल किए गए। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ पीएम मोदी ही एशिया के एकलौते ऐसे नेता नहीं हैं जिन्होंने पीएम बनने के बाद सर्वाधिक यात्राएं (26) की हैं बल्कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे भी साल 2015 में 23 देशों की यात्राएं कर चुके हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी जिंगपिंग: (14 देशों की यात्राएं)
चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग ने अपनी पत्नी पेंग लुआन के साथ साल 2015 में 14 देशों की यात्राएं कीं। चीन ने इस साल दर्जनों अफ्रीकी देशों को 60 बिलियन डॉलर की राहत राशि देकर सबसे बड़ी दाता शक्ति की अपनी भूमिका को पुख्ता करने की कोशिश की। जानिए जिंगपिंग ने कब और कहां यात्रा की।
| महीना और साल | जगहों के नाम |
| अप्रैल 20 से 21 | पाकिस्तान |
| अप्रैल 21 से 24 | इंडोनेशिया |
| मई 7 | कजाखिस्तान |
| मई 8 से 12 | रूस और बेलारूस |
| जुलाई 8 से 10 | रूस |
| सितंबर 22 से 28 | अमेरिका |
| अक्टूबर 19 से 23 | यूके |
| नवंबर 5 से 6 | वियतनाम |
| नवंबर 6 से 7 | सिंगापुर |
| नवंबर 14 से 16 | तुर्की |
| नवंबर 17 से 19 | फिलीपींस |
| नवंबर 29 से 30 | फ्रांस |
| दिंसबर 1-2 | जिंबाव्वे |
| दिसंबर 2 से 5 | साउथ अफ्रीका |
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