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आर प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, एक राउंड रहते ही बने सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज चैंपियन

 Written By: Hitesh Jha
 Published : Aug 07, 2026 11:40 am IST,  Updated : Aug 07, 2026 11:40 am IST

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका में 'सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज' शतरंज टूर्नामेंट जीतकर अपने करियर की पहली ग्रैंड चेस टूर ट्रॉफी हासिल की है। पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखते हुए उन्होंने सर्वाधिक 23.5 पॉइंट्स हासिल किए।

Rameshbabu Praggnanandhaa- India TV Hindi
आर प्रज्ञानानंदा Image Source : PTI

भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका में आयोजित 'सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज' शतरंज टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रच दिया है। वे शुरुआत से ही टूर्नामेंट में सबसे आगे चल रहे थे। ब्लिट्ज राउंड के सेकंड-लास्ट मैच में उन्होंने उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के साथ मैच ड्रॉ खेला, जिससे आखिरी मैच से पहले ही उनका चैंपियन बनना तय हो गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 35 में से सबसे ज्यादा 23.5 पॉइंट हासिल किए और अपने करियर की पहली ग्रैंड चेस टूर ट्रॉफी अपने नाम की। इस शानदार जीत के साथ उन्हें लगभग 48 लाख रुपये ($50,000) का इनाम और 13 अहम टूर्नामेंट पॉइंट्स मिले हैं।

सिंदारोव ने दी प्रज्ञानानंदा को कड़ी टक्कर

प्रज्ञानानंदा पूरे पांच दिनों के इस टूर्नामेंट में लगातार पहले स्थान पर बने रहे। उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी सिंदारोव ने उन्हें आखिरी दिन तक कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय ग्रैंडमास्टर ने अपनी बढ़त हाथ से जाने नहीं दी। ब्लिट्ज राउंड के आखिरी 9 मैचों में उन्होंने 3 मैच जीते, 5 मैच ड्रॉ खेले और सिर्फ 1 मैच में हार का सामना किया। उन्होंने न केवल मुख्य ट्रॉफी अपने नाम की, बल्कि रैपिड और ब्लिट्ज दोनों ही कैटेगरी में सबसे ज्यादा अंक हासिल किए। जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने कहा कि स्कोर बोर्ड देखकर लगता है कि यह जीत बहुत आसान थी, लेकिन असल में ऐसा नहीं था। सिंदारोव ने मुझे अंत तक बहुत कड़ी चुनौती दी।

प्रज्ञानानंदा ने जीता था नॉर्वे चेस का खिताब

प्रज्ञानानंदा इस समय बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। इससे पहले जून 2026 में उन्होंने ओस्लो (नॉर्वे) में आयोजित 'नॉर्वे चेस' का खिताब भी अपने नाम किया था। उस टूर्नामेंट के आखिरी दौर में उन्होंने जर्मनी के खिलाड़ी विंसेंट कीमर को हराया था और लगातार चार मैच जीतकर ट्रॉफी जीती थी। अब उनकी नजरें अगले टूर्नामेंट सिंकफील्ड कप पर हैं, जो 10 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। यह टूर्नामेंट ग्रैंड चेस टूर (GCT) के फाइनल में पहुंचने का आखिरी मौका है। इसके बाद पॉइंट्स टेबल के टॉप-4 खिलाड़ियों को फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा, जहां जीतने वाले खिलाड़ी को लगभग 1.65 करोड़ रुपये ($200,000) का बड़ा इनाम मिलेगा।

भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर हैं प्रज्ञानानंदा

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 10 अगस्त 2005 को जन्मे आर प्रज्ञानानंदा ने बहुत छोटी उम्र में ही शतरंज की दुनिया में अपनी पहचान बना ली थी। साल 2018 में जब वे महज 12 साल, 10 महीने और 13 दिन के थे, तब वे दुनिया के दूसरे और भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बन गए थे। शतरंज का हुनर उनके परिवार में ही है। उनकी बड़ी बहन आर वैशाली भी एक जानी-मानी ग्रैंडमास्टर हैं और इंटरनेशनल लेवल पर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं।

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