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केंद्र ने जल्लीकट्टू को मंजूरी दी, तमिलनाडु में जश्न

 Written By: Bhasha
 Published : Jan 08, 2016 02:27 pm IST,  Updated : Jan 08, 2016 02:27 pm IST

केंद्र ने सांडों को काबू में करने के खेल जल्लीकट्टू को मंजूरी देने के लिए आज एक अधिसूचना जारी की। आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव का सामना कर रहे इस राज्य के राजनीतिक दल इस खेल की बहाली की जोरदार मांग कर रहे थे।

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नयी दिल्ली: केंद्र ने सांडों को काबू में करने के खेल जल्लीकट्टू को मंजूरी देने के लिए आज एक अधिसूचना जारी की। आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव का सामना कर रहे इस राज्य के राजनीतिक दल इस खेल की बहाली की जोरदार मांग कर रहे थे। पशु अधिकार समूहों की आपत्तियों के बावजूद देश के दूसरे हिस्सों में जल्लीकट्टू और बैल गाडि़यों की दौड़ को मंजूरी दी गयी है। पोंगल के त्यौैहार से थोड़े ही समय पहले फैसला आने के साथ तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में पटाखे छोड़कर और मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया गया। जल्लीकट्टू तमिलनाडु में पोंगल के त्यौहार के हिस्से के तौर पर मट्टू पोंगल के दिन आयोजित किया जाता है।

अधिसूचना में कहा गया, केंद्र सरकार इस तरह निर्दिष्ट करती है कि यह अधिसूचना जारी करने की तारीख से प्रभाव के साथ भालू, बंदर, बाघ, चीते और सांड को प्रदर्श पशुओं :परफॉमिग एनिमल: के तौर पर प्रदर्शित या प्रशिक्षित नहीं किया जाएगा। इसमें कहा गया, हालांकि किसी समुदाय के रीति रिवाजों या परंपराओं के तहत तमिलनाडु में जल्लीकट्टू और महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, केरल और गुजरात में बैलगाड़ी की दौड़ जैसे कार्यक्रमों में सांडों को प्रदर्श पशु के तौर पर प्रदर्शित या प्रशिक्षित करना जारी रखा जा सकता है। हालांकि केंद्र ने कुछ शते भी रखी हैं। शतो के अनुसार बैल गाड़ी की दौड़ एक नियमित ट्रैक पर आयोजित करनी होगी जो दो किलोमीटर से लम्बा नहीं होगा।

जल्लीकट्टू के मामले में सांड के घेराव से बाहर जाते ही उसे 15 मीटर की अर्धव्यास दूरी के भीतर काबू करना होगा और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से सांडों की उचित जांच करायी जाए ताकि यह सुनिश्चित हो कि ये जानवर कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अच्छी शारीरिक दशा में है। सांडों को क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं देने की भी मंजूरी नहीं है। केंद्रीय मंत्री पी राधाकृष्णन ने ट्विटर पर लिखा, केंद्र सरकार ने जल्लीकट्टू के आयोजन की मंजूरी दे दी है। कंेद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मुझे अभी फोन कर यह अच्छी खबर दी कि तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए व्यवस्थाएं कर दी गयी हैं। उन्होंने इस कदम के लिए प्रधानमंत्री मोदी का भी आभार जताया।

अधिसूचना के अनुसार जल्लीकट्टू या बैलगाड़ी दौड़ का आयोजन जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के साथ करना होगा और यह सुनिश्चित करने के लिए कि इन आयोजनों में पशुओं को किसी तरह का गैरजरूरी कष्ट ना हो या पीड़ा ना पहुंचे डिस्टि्रक्ट सोसाइटी फोर प्रीवेंशन ऑफ क्रूअल्टी टू एनिमल्स और राज्य पशु कल्याण बोर्ड या जिला प्रशासन उचित तरीके से इनकी निगरानी करेंगे। भारतीय पशु कल्याण बोर्ड :एबीडब्ल्यूआई: ने हाल में पर्यावरण मंत्रालय को तमिलनाडु में जल्लीकट्टू पर वर्तमान में प्रतिबंध लगाने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले को ना पलटने की सलाह दी थी जिसके बाद यह अधिसूचना आयी है। पिछले साल 23 दिसंबर को तमिलनाडु सरकार ने जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए कानूनों में संशोधन के लिए केंद्र से एक विधेयक पेश करने की अपील की थी। मुख्यमंत्री जे जयललिता ने भी इस संदर्भ में प्रधानमंत्री से अपील की थी।

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