नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने आज कहा कि अगर जेएनयू के पांचों आरोपी छात्र जांच अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं करते हैं तो पुलिस अपने विकल्पों का उपयोग करने में संकोच नहीं करेगी। बस्सी ने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि संबंधित कार्यक्रम में देशविरोधी भाषण हुए और नारेबाजी की गई। हम जानते हैं कि कुछ लोग इसमें शामिल हैं जो इसके बाद फरार हो गए थे और अब लौट आए हैं।’
उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, जान और संपत्ति को कोई खतरा नहीं है, ऐसे हम धैर्य से काम कर रहें है। हर काम के लिए हमारी तरकीबें बहुआयामी होती हैं।’ पुलिस आयुक्त ने कहा कि आज, हम उन छात्रों का इंतजार कर सकते हैं ताकि उनको सदबुद्धि मिले और वे पुलिस के साथ सहयोग करें। बस्सी ने कहा, अगर हम महसूस करते हैं कि वे कानून का पालन नहीं करेंगे तो हमारे पास विकल्प हैं और हम उन विकल्पों का इस्तेमाल करने में संकोच नहीं करेंगे।
उमर खालिद सहित जेएनयू के पांचों छात्र बीते रविवार की रात विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे, लेकिन पुलिस अब तक उनको गिरफ्तार नहीं कर पाई है। कथित तौर पर देश विरोधी नारेबाजी के मामले में पुलिस बीते कुछ दिनों से इनकी तलाश कर रही थी।
पुलिस 2 वकीलों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करेगी: बस्सी
पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में पत्रकारों को कथित तौर पर पीटते हुए कैमरे में कैद हुए दो वकीलों को जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने आज इस बात पर जोर दिया कि इन लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से कई बार तलब किए जाने के बावजूद ये वकील दिल्ली पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
पुलिस ने तीन वकीलों विक्रम सिंह चौहान, यशपाल सिंह और ओम शर्मा को जांच के संदर्भ में सम्मन किया था। ओम शर्मा पहुंचा, लेकिन शेष दो वकील अब तक पुलिस के समक्ष हाजिर नहीं हुए हैं।