
क्या है बीटिंग द रिट्रीट का इतिहास ?
भारत में 1950 में पहली बार बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम हुआ था। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का असली नाम 'वॉच सेटिंग' है और सूरज डूबने के समय यह समारोह आयोजित होता है। 18 जून 1690 में इंग्लैंड के राजा जेम्स टू ने अपनी सेनाओं को उनके ट्रूप्स के वापस आने पर ड्रम बजाने का आदेश दिया था। सन 1694 में विलियम थर्ड ने रेजीमेंट के कैप्टन को ट्रूप्स के वापस आने पर गलियों में ड्रम बजाकर उनका स्वागत करने का नया आदेश जारी किया था। लेकिन भारत में यह समारोह गणतंत्र दिवस सेरेमनी के आधिकारिक समापन का सूचक है।
हर साल 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट होता है लेकिन 2001, 2009 में बीटिंग द रिट्रीट को रद्द कर दिया गया था। 2001 में गुजरात भूकंप की वजह से सेरेमनी रद्द की गई थी जबकि 2009 में पूर्व राष्ट्रपति वेंकटरमन के निधन के बाद ऐसा हुआ था।