नई दिल्ली: सोमनाथ भारती के वकील ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर समस्याओं से घिरे विधायक का समर्थन नहीं करने के लिए परोक्ष हमला करते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीखना चाहिए जो हर वक्त अपने वफादारों के साथ खड़े रहते हैं।
केजरीवाल को लिखे पत्र में भारती के वकील दीपक खोसला ने मांग की कि मामले को दिल्ली पुलिस से वापस लिया जाए और निष्पक्ष जांच के लिए दूसरी एजेंसी को सौंपा जाए।
उन्होंने दावा किया कि मामले को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और मुख्यमंत्री से अपील की कि दिल्ली पुलिस को निर्देश जारी करें कि वह पूर्व कानून मंत्री के लिए भगोड़ा या पेशेवर अपराधी जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करे। उन्होंने भारती के हितों की रक्षा करते हुए कानूनी और निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय भी मांगा। उन्होंने कहा, इस मामले में आपसे आग्रह है कि कृपया 72 घंटे तक जांच को टालने का निर्देश दें ताकि मेरा मुवक्किल किसी सक्षम अदालत का दरवाजा खटखटा सके और किसी दूसरी एजेंसी को जांच स्थानांतरित करने की मांग कर सके। पत्र भेजने के तुरंत बाद खोसला ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि टिप्पणी का भारती से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने यह पत्र अपनी तरफ से आप का समर्थक होने के नाते जारी किया है।
वकील ने कहा, नरेन्द्र मोदी और आपके कामकाज के तरीके में सबसे बड़ा फर्क अच्छा हो या बुरा...यह है कि वह अपने वफादारों के साथ हर हाल में खड़े रहते हैं। इस संबंध में सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी उदाहरण हैं... जबकि आपने सोमनाथ का समर्थन नहीं किया। भारती को आज उच्चतम न्यायालय से राहत नहीं मिली और शीष अदालत ने उन्हें पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। भारती की पत्नी ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया है। खोसला ने कहा कि भारती गिरफ्तारी से नहीं बच रहे हैं।
पत्र में कहा गया है कि गिरफ्तारी से बचना उनका अधिकार है और वह भी तब जब उन्हें लगता है कि पक्षपात करने वाली जांच एजेंसी उनके पीछे पड़ी है। इसमें लिखा हुआ है, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शक्तियों के असामान्य बंटवारे को देखते हुए और दिल्ली पुलिस के विभिन्न राजनीतिक आकाओं को देखते हुए यह स्पष्ट है कि आपकी पुलिस अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम कर रही है, जो केंद्र सरकार को चला रहे हैं और वह भाजपा है।