नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राजीव गांधी खेल अभियान को खेलो इंडिया अभियान में विलय कर दिया है। इसके साथ ही दो अन्य खेल अभियान को भी खेलो इंडिया में विलय कर दिया गया है। केन्द्र सरकार के इस कदम का कांग्रेस ने विरोध किया है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार के सत्ता में आने के बाद से किसी अभियान से राजीव गांधी का नाम पहली बार नहीं हटाया गया है। इससे पहले भी कई योजनाओं में सरकार ने राजीव गांधी का नाम हटाया है।
खेल योजना का नाम बदलने के बाद विपक्ष द्वारा राजनीति करने के आरोप को खारिज करते हुए खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, "इसमें किसी तरह की कोई राजनीति नहीं है।" राजीव गांधी खेल अभियान को सप्रंग सरकार ने 14 फरवरी 2014 को पंचायत युवा क्रीड़ा एवं खेल अभियान की जगह शुरू किया था। दो अन्य खेल अभियान, शहरी खेल बुनियादी ढांचा योजना और राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना का भी खेलो इंडिया अभियान के साथ विलय कर दिया गया है।
कांग्रेस के प्रवक्ता टॉम वडक्कम ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को चेतावनी दी है और कहा है, "बदलाव अच्छा होता है लेकिन बदलाव सही दिशा में होना चाहिए। सरकार का ध्यान विकास पर होना चाहिए न कि योजनाओं का नाम बदलने पर।" इस साल बजट में राजीव गांधी के नाम पर चल रहीं चार योजनाओं के नाम बदल दिए गए थे।