नई दिल्ली: CBI ने फर्जी आयात के लिए भुगतान के नाम पर देश से लगभग 6,000 करोड़ रुपए के कथित कालेधन को हांगकांग भेजे जाने की जांच के सिलसिले में आज 50 स्थानों की तलाशी ली और कुछ संदिग्धों से पूछताछ शुरू की है। यह धन बैंक आफ बड़ौदा के जरिए हस्तांतरित किया गया था। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि धन बाहर भेजने वाली 59 खाताधारक कंपनियों में से ज्यादातर ने गलत पते दिए हैं। इसके बावजूद जांच एजेन्सी ने मामले में कुछ प्रमुख संदिग्धों की पहचान कर ली है जिनमें से कुछ से यहां सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है।
सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक, केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने बैंक आफ बड़ौदा की शिकायत पर 59 खाताधारकों व अज्ञात बैंक अधिकारियों व निजी व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, धारा 420 और भ्रष्टाचार रोधी कानून, 1988 की धारा 13(2) व 13(1) के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर में आरोप है कि 59 चालू खाता धारकों एवं अग्यात बैंक अधिकारियों ने करीब 6,000 करोड़ रुपए अवैध तरीके से विदेश भेजने के लिए षड़यंत्र रचा। प्रवर्तन निदेशालय ने भी एक मामला दर्ज किया है और इस संबंध में कई ठिकानों पर तलाशी ली। कल कांग्रेस पार्टी ने इस मामले की जांच कराए जाने की मांग की थी। कांग्रेस प्रवक्ता आर.पी.एन. सिंह ने कहा था, यह चकित करने वाली बात है कि हांगकांग से काजू, दाल और चावल खरीदने के लिए धन भेजा गया।
कांग्रेस ने लगाया आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राजग सरकार के सत्ता में आने के दो महीने बाद यहां सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक से पिछले साल 6,000 करोड़ रुपए से अधिक काला धन देश से बाहर भेजा गया। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन दावों को खारिज कर दिया कि उनके शासन काल में कोई घोटाला नहीं हुआ है। मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए पार्टी प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कहा कि ऐसा घोटाला बैंकिंग नेटवर्क और वित्त मंत्रालय में शीर्ष अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर नहीं हुआ होगा।