नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने 2.2 लाख रूपये की रिश्वत कथित रूप से स्वीकार करने के मामले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके निजी सहायक को आज एक दिन की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की हिरासत में भेज दिया।
वर्ष 1984 बैच के एजीएमयूटी काडर के अधिकारी सिंह और उनके निजी सहायक रमेश कुमार को विशेष सीबीआई न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना के सामने पेश किया गया। सीबीआई ने दोनों आरोपियों की सात दिन की पुलिस हिरासत मांगते हुए कहा कि अन्य लोगों के इस मामले से जुड़े होने के बारे में पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ की जानी है।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अल्पसंख्यक विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात रहे सिंह को दिल्ली सरकार ने निलंबित कर दिया है। एजेंसी ने कहा कि उनके घर और कार्यालय पर छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेजों से उनका सामना कराया जाना है।
एजेंसी ने कहा कि पुलिस हिरासत के दौरान सिंह के बैंक लॉ़करों की भी जांच की जाएगी और छानबीन के दौरान जब्त संपत्ति कागजात के संबंध में भी पूछताछ की जानी है।
जांच अधिकारी ने अदालत से कहा कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से 2.2 लाख रूपये की रिश्वत की मांग की और सिंह ने निर्देश दिया कि धन उनके निजी सहायक को दिया जाए।
सीबीआई का आरोप है कि 2.2 लाख रूपये में से सिंह के निजी सहायक को 20 हजार रूपये मिले।