प्रियंका ने किराया कम करने को क्यों कहा?
प्रियंका की दलील ये थी कि वो दिल्ली में अपना फॉर्म हाउस छोड़कर सरकारी बंगले में इसलिए रह रही हैं क्योंकि SPG यही चाहती है। लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि प्रियंका ने उस समय बढ़ा हुआ किराया दे पाने में अपनी असमर्थता क्यों जताई? जबकि उनके बिजनेसमैन पति रॉबर्ट वाड्रा का दावा है कि उनके पास काफी दौलत है। वो किसी भी हालात का मुकाबला कर सकते हैं और उन्हें प्रियंका के सहारे की भी ज़रूरत नहीं है।
रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था, ‘मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रियंका की जरुरत नहीं है। मेरे पास पहले से काफी धन संपत्ति है मेरे माता पिता ने मुझे काफी दिया है। मुझे लगता है कि मैंने अच्छी शिक्षा पायी है कि मैं हर स्थिति को झेल सकता हूं चाहे हालात कैसे भी हों।’
वैसे प्रियंका के पास दिल्ली में फॉर्म हाउस तो है ही शिमला में भी प्रियंका गांधी अपना एक भव्य बंगला बना चुकी हैं बल्कि ख़बरें तो ऐसी भी हैं कि शिमला वाले बंगले का वास्तु पसंद न आ पाने के बाद उसे एक बार तोड़कर उसे फिर से बनवाया गया। तो फिर दिल्ली के लोधी एस्टेट वाले बंगले का किराया कम क्यों करवाया गया। ये दूसरा मौका है जब प्रियंका गांधी अपने बंगले को लेकर चर्चाओं में हैं। इससे पहले शिमला में उन्हें बंगले के लिए ज़मीन दिए जाने का मामला भी सुर्खियों में आ चुका है। उस बंगले का विवाद भी कई दिनों तक चला और अब दिल्ली वाले सरकारी बंगले के किराये के कम किराये पर सवाल उठ रहे हैं।
बंगले के इस विवाद में प्रियंका गांधी के दफ्तर की तरफ से सफाई भी आई है कि प्रियंका को एसपीजी से सुरक्षा मिली है। दिसंबर 1996 में उन्होंने रहने के लिए किराए पर मकान लिया था और एडवांस रेंट भी दिया था लेकिन तब एसपीजी के निदेशक ने कहा कि सुरक्षा कारणों की वजह से प्रियंका किराए के मकान में नहीं रह सकतीं। इसलिए उनकी सुरक्षा को देखते हुए सरकारी आवास में रहने का निर्देश दिया गया था जो किराया प्रियंका दे रही थीं वो सरकार की तरफ से तय किया गया था और उस कैटेगरी में दूसरों के किराए जितना था।