मुंबई: सीबीआई ने गृह मंत्रालय से पूर्व अनुमति के बिना विदेश से धन प्राप्त करके विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम का कथित उल्लंघन करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के आवास और संगठन परिसर की आज तलाशी ली।
सीबीआई ने मुंबई में चार ठिकानों पर तलाशी ली, जिनमें उनका और उनके पति जावेद आनंद, गुलाम मोहम्मद पेशीमाम के आवास और सबरंग कम्यूनिकेशन्स एंड पब्लिशिंग का कार्यालय शामिल है।
सीतलवाड़ ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि वह सीबीआई के साथ सहयोग कर रही हैं।
तीस्ता ने कहा, हम इससे हैरान और स्तब्ध हैं। हम पूरा सहयोग करते रहे हैं।
सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ भादंसं की आपराधिक साजिश से जुड़ी धारा :120-बी:, विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम, 2010 और विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम, 1976 के तहत आठ जुलाई को मामला दर्ज किया था।
वर्ष 2002 में गुजरात दंगा पीडि़तों के लिए चलाए गए अभियान में अग्रिम मोर्चे पर रहीं सीतलवाड़ ने कहा, हमने सीबीआई को पूर्ण सहयोग देने की बात कहते हुए पत्र लिखा था और एजेंसी को बताया था कि हमारे खिलाफ जो भी कथित अपराध दर्ज किए गए हैं, हम सहयोग करेंगे। तो फिर हमें समझ नहीं आता कि इस पूरे अभियान के पीछे का औचित्य क्या है?
उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि यह एक राजनीतिक साजिश है। वे हमें अपमानित करने और डराने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, यह दल बहुत पेशेवर है लेकिन जाने यह सब कहां जाकर रूकेगा।
नयी दिल्ली में सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि यह मामला जमा कराए गए सभी दस्तावेजों की पूर्ण जांच के बाद दर्ज किया गया। ये दस्तावेज गृह मंत्रालय ने सीबीआई को जांच सौंपते हुए दिए थे।
उन्होंने कहा कि ऐसा आरोप है कि प्राथमिकी में नामजद आरोपी ने आपराधिक साजिश के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय की पूर्व अनुमति और पंजीकरण के बिना ही विदेशी अंशदान स्वीकार किया। एफसीआरए की नियमों के अनुसार, विदेशी अंशदान स्वीकार करते समय पूर्व अनुमति जरूरी होती है।