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'दिमागी नक्सल' पर क्यों मचा है बवाल, अपने ही बयान पर क्यों घिर गए पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम? भाजपा ने खोला मोर्चा

 Written By: Subhash Kumar
 Published : Aug 17, 2026 11:29 pm IST,  Updated : Aug 17, 2026 11:45 pm IST

'दिमागी नक्सल' शब्द को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने है। देश के पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इस मुद्दे पर कुछ ऐसा कह दिया है जिससे सियासी बवाल खड़ा हो गया है। भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम के बयान पर बवाल। (फाइल फोटो) Image Source : PTI

देश के पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम ने कहा है कि उन्हें दिमागी नक्सल होने पर गर्व है। महबूबा मुफ्ती, अरविंद केजरीवाल ने भी खुद को दिमागी नक्सल बताया है। अब विपक्ष के तमाम नेता दिमागी नक्सल शब्द का इस्तेमाल तमगे की तरह कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश कर रहे है। ऐसे में सत्ता पक्ष के नेता भी विपक्ष पर हमलावर हो गए हैं। भाजपा नेताओं ने कहा है कि कांग्रेस ने नक्सलियों को पाला पोसा था। आइए जानते हैं कि क्या है ये पूरा विवाद और इस बारे में किस नेता ने क्या कहा है।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से दिमागी नक्सल शब्द का इस्तेमाल किया था। पीएम मोदी ने कहा कि "कुछ दिमागी नक्सल देश को अराजकता की आग में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं, मौके की तलाश में हैं। इन दिमागी नक्सल्स से सावधान रहने की जरूरत है।" पीएम मोदी के भाषण पर सबसे पहला रिएक्शन आया कांग्रेस के बड़े नेता और देश के पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम का। चिदंबरम ने X पर लिखा- "I am proud to be a dimagi naxal."

भाजपा नेताओं ने चिदंबरम को घेरा

इसके बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने चिदंबरम को तुरंत जबाव दिया। रिजीजू ने ट्विटर पर लिखा कि "प्रधानमंत्री ने किसी विपक्षी नेता को दिमागी नक्सली नहीं कहा, किसी का नाम नहीं लिया। प्रधानमंत्री ने सिर्फ उन लोगों को दिमागी नक्सली कहा है जो भारत का संविधान नहीं मानते, माओवाद-अलगाववाद को सपोर्ट करते हैं, धारा 370 का सपोर्ट करते हैं, चिकेन नेक काटने का मंसूबा रखते हैं। वो सब दिमागी नक्सल हैं।" दूसरी ओर असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा ने पी चिदंबरम पर डायरेक्ट अटैक किया। हिमंता ने कहा कि "चिदंबरम ने खुद को दिमागी नक्सल मान लिया है। अब इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि चिदंबरम के कार्यकाल में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्यवाही कमजोर क्यों पड़ी थी। इसमें चिदंबरम की क्या भूमिका थी।"

कांग्रेस ने नक्सलियों को पाला-पोसा- सुधांशु त्रिवेदी

इधर बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने भी चिदंबरम पर जोरदार हमला किया। सुधांशु ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन जिस तरह कांग्रेस के नेताओं को दर्द हुआ, उससे साफ है कि नक्सलियों का हमदर्द कौन है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने नक्सलियों को पाला-पोसा। अब होम मिनिस्टर अमित शाह ने देश को नक्सल मुक्त कर दिया है। इसलिए चिदंबरम और कांग्रेस पार्टी बेचैन है।

लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं- योग गुरू रामदेव

दिमागी नक्सल के मुद्दे पर योग गुरू रामदेव का भी बयान सामने आया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के बयान का सपोर्ट किया। स्वामी रामदेव ने कहा कि उन्हें सियासी बयानबाजी से कोई लेना देना नहीं है लेकिन वो इतना जरूर कहेंगे कि लोकतंत्र में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। हिंसा का कोई स्थान नहीं है।

चिदंबरम के समर्थन में आए विपक्षी नेता

दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं ने चिदंबरम के बयान को सपोर्ट किया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी जिस दिमागी नक्सल का जिक्र कर रहे हैं, उसका सबसे बड़ा सेंटर बीजेपी है।" इसके बाद जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी कहा कि वो आर्टिकल 370 को सपोर्ट करती हैं, इसलिए वो भी दिमागी नक्सली हैं। इसके बाद दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी एक वीडियो स्टेटमेंट जारी किया। उन्होंने कहा कि "जो भी बीजेपी के खिलाफ बोलता है, जो भी देशहित की बात करता है, बीजेपी उसे देशद्रोही, नक्सली साबित करने की कोशिश करती है।"

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