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व्यापमं: CBI ने 5 केस दर्ज कर मौतों का ब्यौरा मांगा

 Written By: IANS
 Published : Jul 16, 2015 08:14 am IST,  Updated : Jul 16, 2015 08:16 am IST

भोपाल/नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले की जांच में CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच मामलों में प्रकरण दर्ज कर लिए हैं, साथ ही 5 सदिग्ध मौतों का ब्यौरा भी

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व्यापमं: CBI ने 5 केस दर्ज कर मौतों का ब्यौरा मांगा

भोपाल/नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले की जांच में CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच मामलों में प्रकरण दर्ज कर लिए हैं, साथ ही 5 सदिग्ध मौतों का ब्यौरा भी मांगा है। इन प्रकरणों में 160 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

CBI ने पत्रकार अक्षय सिंह, नम्रता डामोर, विजय पटेल, राजेंद्र आर्य और दीपक वर्मा की मौतों का संबंधित जिलों उज्जैन, कांकेर, ग्वालियर, झाबुआ और इंदौर के पुलिस अधीक्षकों से ब्यौरा मांगा है।

CBI की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि पीएमटी 2010 मामले में 21 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 419 (प्रतिरूपन कर धोखाधड़ी), धोखाधड़ी (420), जालसाजी (467), धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी (468, 471) फर्जी दस्तावेज को असली की तरह इस्तेमाल करना (474) और आपराधिक षड्यंत्र (120 बी) के तहत मामला दर्ज किया गए है। वहीं प्री पीजी टेस्ट 2011 के मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन आरोपियों के खिलाफ  धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

CBI के अनुसार, प्री मेडीकल टेस्ट (पीएमटी-2010) मामले में 21 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471, 474 और 120बी के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

वहीं दूसरा प्रकरण प्री पीजी टेस्ट-2011 मामले में दर्ज किया गया, जिसमें आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन आरोपियों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

प्रीपीजी परीक्षा के आरोपियों पर मप्र मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम का प्रकरण भी दर्ज किया गया है। यह दोनों प्रकरण सीबीआई जांच के प्रमुख संयुक्त निदेशक आर.पी. अग्रवाल के निर्देश पर दिल्ली कार्यालय ने दर्ज किए हैं।

इसी तरह CBI ने तीसरी प्राथमिकी पीएमटी प्रवेश परीक्षा (2009 और 2010) मामले में दर्ज की है। इस मामले में कुल 28 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा वन रक्षक परीक्षा-2013 में 100 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

पांचवी प्राथमिकी में निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में पीएमटी-2011 सीट आवंटन मामले में दर्ज की गई है, जिसमें तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है।

इस बीच CBI के अधिकारियों ने जांच के संबंध में मुहैया कराए जा रहे अस्थायी दफ्तर का राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बुधवार को मुआयना किया। अब तक इस भवन में स्थानीय गुप्तचर शाखा का कार्यालय था।

यह टीम अलग भवन की मांग कर रही थी। इसके लिए दल के अधिकारियों ने मंगलवार को राज्य के मुख्य सचिव एंथनी डिसा और पुलिस महानिरीक्षक सुरेंद्र सिंह से भी मुलाकात की थी।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI ने व्यापमं मामले की जांच शुरू की है। अब तक यह जांच राज्य की एसटीएफ  कर रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने नौ जुलाई को व्यापमं की CBI जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई ने सोमवार को भोपाल पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। CBI अब तक जांच कर रही एसटीएफ और जिले स्तर पर गठित पुलिस की एसआईटी के साथ कई दौर की बैठकें कर चुकी है। STF और SIT ने CBI को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी सौंपे हैं।

 
सूत्रों के अनुसार अभी तक जांच कर रही STF ने व्यापमं घोटाले में कुल 55 प्रकरण दर्ज किए गए थे। 21,000 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, वहीं 491 आरोपी अब भी फरार हैं। इस जांच के दौरान 48 लोगों की मौत हो चुकी है। STF इस मामले के 12,000 आरोपियों के चालान भी पेश कर चुकी है।

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