नई दिल्ली: CBI ने IPL सट्टेबाजी मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक के खिलाफ कथित रिश्वतखोरी का मामला दर्ज करने के बाद बुधवार को ED की अहमदाबाद शाखा में तलाशी ली।
CBI के सूत्रों ने कहा कि, एजेंसी ने भारतीय राजस्व सेवा के 2000 बैच के अधिकारी, संयुक्त निदेशक जेपी सिंह के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज किया है। निदेशालय से मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों ने कहा कि सिंह और ED के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ IPC तथा भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आपराधिक षड्यंत्र के प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार ED की अहमदाबाद शाखा दो महत्वपूर्ण मामलों में जांच कर रही है। एक मामला 2000 करोड़ रुपये की IPL सट्टेबाजी से जुड़ा है और दूसरा कथित हवाला कारोबारी अफरोज फट्टा के खिलाफ 5000 करोड़ रुपये के धन शोधन का मामला है जिसमें संदिग्धों ने कथित तौर पर पक्ष लेने की मांग की थी।
CBI ने मामले दर्ज करने के बाद अहमदाबाद में ED के दफ्तर में और सिंह के आवास के साथ-साथ अतिरिक्त निदेशकों संजय कुमार एवं पीएस श्रीनिवास के आवासों पर और दिल्ली में सोमवंशी के घर पर तलाशी ली।
शाम को तलाशी अभियान शुरू हुआ था, जो समाचार लिखे जाने तक चल रहा है। एजेंसी का एक दल श्रीनिवास के सूरत स्थित घर की तलाशी के लिए भी पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक ED निदेशक को एजेंसी की अहमदाबाद इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर रिश्वत मांगने की कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद मामले को CBI को सौंप दिया गया।
एजेंसी ने ईडी से शिकायत मिलने के बाद इन संदिग्धों पर नजर रखी जिस दौरान कथित रिश्वतखोरी के बारे में प्रथम दृष्टया जानकारी एकत्रित की गई।
सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘आरोप हैं कि प्रवर्तन निदेशालय के कुछ अधिकारियों ने सट्टेबाजी और अन्य गतिविधियों में धन शोधन के मामलों की जांच करते समय कथित मामलों के आरोपियों और संदिग्धों से कथित रूप से भारी रिश्वत मांगी थी और ली थी।’’