नई दिल्ली: भ्रष्टाचार के मामले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार से सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ की गई और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इससे पहले सीबीआई ने आज राजेंद्र कुमार के घर और दफ्तर पर छापेमारी की। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि छापेमारी मुख्यमंत्री के कार्यालय पर नहीं, बल्कि उनके प्रधान सचिव के कार्यालय पर की गई।
सीबीआई ने कुमार के दिल्ली सचिवालय स्थित कार्यालय और आवास सहित दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के 14 स्थानों पर छापे मारे। एजेंसी के सूत्रों ने दावा किया कि उसने कुमार के आवास से 2.4 लाख रपाए समेत कुल 16 लाख रपए बरामद किए है। कुमार के आवास से तीन लाख रूपये मूल्य की विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई। सीबीआई ने कहा कि उसने कुमार और अन्य के खिलाफ इस आरोप को लेकर मामला दर्ज किया है कि उन्होंने दिल्ली सरकार के विभागों की निविदाएं दिलाने के लिए एक खास कंपनी की पैरवी करने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरूपयोग किया। कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी :आपराधिक साजिश:, भ्रष्टाचार विरोधी कानून की धारा 13 :2: और 13 :1: :डी: :आपराधिक कदाचार: के तहत आरोपी बनाया गया है।
एजेंसी ने कहा, वारंट लेने के बाद राजेंद्र कुमार के कार्यालय और आवास पर छापे मारे गए। कुमार के खिलाफ दिल्ली संवाद आयोग के पूर्व सदस्य सचिव आशीष जोशी ने आरोप लगाए थे। केजरीवाल ने कहा, सीबीआई झूठ बोल रही है। मेरे खुद के कार्यालय पर छापेमारी की गई। मुख्यमंत्री कार्यालय की फाइलों को देखा जा रहा है। मोदी बताएं कि वह कौन सी फाइल चाहते हैं? मैं एकमात्र मुख्यमंत्री हूं जिसने अपने एक मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी को भ्रष्टाचार के आरोपों में हटा दिया और उनके मामले सीबीआई को सौंप दिए।
उन्होंने कहा, अगर सीबीआई के पास राजेंद्र के खिलाफ कोई सबूत है तो उन्होंने मेरे साथ साझा क्यों नहीं किया? मैं उनके खिलाफ कार्रवाई करता। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मोदी को कायर और मनोरोगी बताने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री से माफी मांगने को कहा और उनके इस दावे को खारिज कर दिया कि सीबीआई ने उनके कार्यालय पर छापेमारी की। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने उसे छुआ तक नहीं। प्रसाद ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अधिकारी की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए और पूछा कि उन्होंने इसकी जांच परख क्यों नहीं की?