नई दिल्ली: ब्रह्मचारी कौटिल्य जिन्हें आज भी पूरी दुनिया आचार्य चाणक्य के नाम से जानती है उन्होंने धर्मनीति के साथ साथ कूटनीति और राजनीति का पाठ पूरी दुनिया को पढ़ाया है। आचार्य चाणक्य ने अपनी एक नीति में खाने के विषय में बताया कि किस चीज से हमें कितनी शक्ति मिलती है। और किससे शरीर को लाभ मिलता है। क्योकि खान-पान से ही शरीर में ताकत आती है। आचार्य ने आटा को अन्य खाने वाली चीजों से तुलना की है। जानिए आचार्य चाणक्य के गूढ़ विचार।
घी में मांस से दस गुना ज्यादा ताकत
चाणक्य ने बताया कि घी बहुत ही पौष्टिक और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाला होता है। नियमित रूप से शुद्ध घी का सेवन किया जाए तो व्यक्ति लंबे समय तक बुढ़ापे के रोगों से बचा रह सकता है। क्योकि घी मांस से दस गुना ज्यादा ताकत वाला होता है।